भदोही जनपद के अंतर्गत अभोली विकासखंड परिसर में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जहां किसानी की नव पद्धति पर प्रकाश डाला गया।
गोष्टी को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर विश्लेंद्र द्विवेदी ने कहा कि किसानों को पुनः वैदिक की ओर लौटना पड़ेगा, रासायनिक उर्वरकों से पीछे हटकर जीरो बजट की खेती करना होगा. ज्वार, बाजरा, मक्का, महुआ, मटर, जो रोग विहिन होते हैं, उन फसलों को उगाना होगा नहीं तो मनुष्य का जीवन जीना बहुत ही कठीन हो जाएगा।



गोष्टी को संबोधित करते हुए कृषि विशेषज्ञ डॉ. रामेश्वर सिंह ने नेडप कंपोस्ट, वर्मी कंपोस्ट के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि ‘जैविक खेती से अपनी लागत को कम करके उत्पादन बढ़ा सकते हैं, इसे फसल खुराक के रूप में प्रयोग करते हैं और इसके बगैर रासायनिक खाद भी काम नहीं करते हैं।