Headlines

डीएम मैडम…न्याय दिलाओ – छलक रहा महिला का आंसू, खुन-खराबे से परिवार त्रस्त.!!

औराई क्षेत्र की घाटमपुर निवासी महिला ने जिलाधिकारी आर्यका अखौरी पत्रक देकर न्याय की गुहार लगाई है, जिसका परिवार भूमिधरी जमीन कब्जा पाने के बजाय खुन-खराबे से त्रस्त है।
खबर के मुताबिक घाटमपुर निवासी महिला ज्ञान देवी ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र दिया है, जिसमें बताया है कि उनके पति के संक्रमणीय भूमि पर घाटमपुर में कुछ लोग अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं और परेशान करते रहते हैं. इसके साथ ही जीटी रोड माधोसिंह में सबसे प्राचीन शिव मंदिर स्थित है, जिस पर एक विशेष समुदाय के परिवार द्वारा प्रांगण में कब्जा किया जा रहा है। आगे कहा है कि ‘इसके खिलाफ मेरे द्वारा एक जनहित याचिका दाखिल किया गया, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश प्राप्त है. मेरे द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र पर डीआईजी विंध्याचल के आदेश पर जांच किया जा चुका है. विपक्षी बहुत ही पैसे वाला व्यक्ति है और हमेशा दबाव बना रहता है. मेरे साथी जनहित याचिका से मजबूरन त्रस्त होकर हट गए, मुकदमे की पैरवी सिर्फ मेरे द्वारा किया जा रहा है. इसलिए विपक्षी तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे है।’
दर्ज हो रहे फर्जी मुकदमें – पीड़ित महिला ने यह भी दावा किया है कि “विपक्षी ने मेरे और मेरे पति के ऊपर और मेरे बेटे के ऊपर हत्या, अपहरण समेत कई अवैध मुकदमा दर्ज कराया. विपक्षी द्वारा मेरे बेटे सौरभ मिश्रा को ग्राहक सेवा केंद्र जीटी रोड पर माधोसिंह में सिर पर वार करते हुए रेलिंग के नीचे फेंक दिया गया था, जिसमें गर्दन स्पाइनल में चोट आने के कारण पूरा शरीर सुन्न से पैरालाइसिस की ओर बढ़ गया। जिसका अब भी मुंबई के अस्पपताल में दवा चल रहा है।”
छलकती आंसू से आगे ज्ञान देवी कहती हैं कि हमारे पति के नाम से संक्रमित भूमि आराजी नंबर 80 ग्रामसभा घाटमपुर में चार विश्वा कुछ धूर है, जिस पर विपक्षीगण द्वारा एक साजिश के तहत कब्जा कराया जा रहा है। जिसकी सूचना कोतवाली औराई प्रभारी निरीक्षक को दे दिया गया, जिस पर सर्किल एसआई सरफराज अहमद ने कहा कि निर्माण नहीं होगा पर मंगलवार की रात में जमीन कब्जा किया गया।
प्राचीन मंदिर बचाना घातक – पीड़ित महिला शक दर्शाते हुए कह रही है कि “मुझे शक है कि जमीन कब्जा करने के बहाने लोग मुझसे बात करना चाहते हैं और मंदिर के मामले में सुलह के लिए दबाव बनाना चाहते हैं, जोकि प्राचीन शिव मंदिर 12 वीं सदी का है. क्या मंदिर का अस्तित्व बचाना हमारे लिए इतना बड़ा घातक होगा.? हम नहीं जानते थे…
यह भी है आशंका – पीड़ित महिला द्वारा आशंका व्यक्त किया जा रहा है कि आगे भी ‘हमारे परिवार पर दबाव बनाने के लिए कुछ भी किया जा सकता है। फर्जी मुकदमा लगाया जा सकता है और धन की हानि भी की जा सकती है। हमें न्याय मिले और पति के नाम संक्रमित भूमि उसको सुरक्षित किया जाए। इसकी शिकायत उप जिलाधिकारी औराई को भी आज से पन्द्रह दिन पहले की गई लेकिन फिर भी विपक्षी लोग निर्माण कर लिये है।’

Leave a Reply

Discover more from सशक्त समाज न्यूज़

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading