कल्याण (पूर्व) में भाजपा व शिवसेना (शिंदेगुट) की अधिकृत प्रत्याशी सुलभा गणपत गायकवाड ने भोजपुरिया अंदाज में प्रचार-प्रसार किया, जिसकी चहूंओर चर्चा चल रही कि सुलभा का जादू चल गया।
गौरतलब है कि कल्याण (पूर्व) की सीट एक तरफ विधायक गणपत गायकवाड के परिवार के लिए परंपरागत सीट रही है, दूसरी भाजपा व शिवसेना (शिंदेगुट) ने श्रीमती सुलभा गणपत गायकवाड को प्रत्याशी बनाकर अबकी जोरदार दांव खेला है. भाजपा व शिवसेना के बड़े-बड़े दिग्गज नेता इस सीट पर डेरा जमाए हैं लेकिन सुलभा भी किसी परिपक्व राजनीतिज्ञ से कम नहीं हैं. हमेशा ही महिलाएं अपना काम लेकर सीधे बंगला पर पहुंचती थी और तय था कि जो सुलभा तक पहुंचा.. उसका काम सबसे पहले होता था. अबकी जब चुनावी प्रचार पर बतौर प्रत्याशी वो पहुंच रही हैं, तो घर-घर में घुसकर महिलाओं से संवाद कर रही हैं. ऐसा ही दो दिन पूर्व उनका दौरा कल्याण (पूर्व) के प्रभुराम नगर में हुआ, जहां उन्होंने हिन्दी भाषी महिलाओं को निमंत्रण दे दिया. भोजपुरिया स्टाईल में उन्होंने कहा कि ‘बहिनों घर आना.. यह सुनते ही अब महिलाएं सुलभा को बहन मानकर मतदान के लिए कमर कस चुकी हैं. जहां-जहां सुलभा पहुंची, वहां-वहां घर में ही विपक्षियों की गुणगान करने वाले पुरूषों की सुनवाई बंद हो गई. खैर..महिलाओं के जोरदार समर्थन का असर अब मतपेटी की गिनती के बाद देखने को मिलेगा कि वोटिंग में जिताकर सुलभा की बहिनों घर पर पहुंचती हैं या विपक्षी प्रत्याशियों की दाल-रोटी तोड़ रहे पुरूषों के दबाव में आती हैं।



