महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. जहां एक ओर महायुति के पक्ष में हिन्दी भाषी वोट पहले से था, वही ‘अपना पूर्वांचल महासंघ’ ने भी भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) की महायुति को समर्थन देने की घोषणा कर दी, जिससे वोटिंग समीकरण बदलना तय है।
गौरतलब है महासंघ के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक दुबे और महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद मिश्र ने महायुति के प्रमुख उम्मीदवारों को समर्थन पत्र सौंपे। महासंघ ने दिंडोशी से संजय निरुपम, बांद्रा पश्चिम से आशीष शेलार, बोरीवली से संजय उपाध्याय, गोरेगांव से विद्या ठाकुर, कालीना से अमरजीत सिंह, मुम्बादेवी से शायना एनसी, मालाड पश्चिम से विनोद शेलार, अंधेरी पूर्व से मुरजी पटेल, चारकोप से योगेश सागर, वर्सोवा से भारती लवेकर, कांदिवली पूर्व से अतुल भातखलकर, मीरा भाईंदर से नरेंद्र मेहता और नालासोपारा से एडवोकेट स्नेहा दुबे को अपना समर्थन दिया. इस समर्थन से कल्याण-डोंबीवली के चुनावी समीकरण पर गहरा प्रभाव पड़ता दिखाई पड़ रहा है।
अध्यक्ष अशोक दुबे ने कहा कि महासंघ ने संस्था से जुड़े लोगों की राय लेने के बाद यह निर्णय लिया. उन्होंने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र में एक बार फिर महायुति की सरकार बनेगी और इस जीत में अपना पूर्वांचल महासंघ का योगदान अहम होगा. इस समर्थन के बाद महायुति को पूर्वांचल समुदाय के बड़े वर्ग का समर्थन मिलने की संभावना है, जो मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में एक महत्वपूर्ण वोट बैंक है।



