उत्तर प्रदेश के पुर्वांचल में यूपी पुलिस का एक ‘हँसमुख लाल’ कोतवाल ‘सिंघम’ कहा जाता रहा है, जिसने पशु तस्करी व मादक पदार्थों की तस्करी पर बड़ी-बड़ी कार्यवाही के साथ गुमशुदा-अपहरण की सैकड़ों गुत्थियां सुलझाने में महारत रही है. यह कोतवाल इन दिनों देश के प्रखर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में जलवा बिखेर रहा है, एक बार फिर 10 घंटे में ही नाबालिग छात्रा के अपहरण की गुत्थी सुलझाकर सुर्खियों में है.. ✍️
गौरतलब है कि काशी-प्रयाग मध्य के भदोही जनपद में सबसे ज्यादा पुलिसिया कार्यकाल पूरा करने वाले चर्चित कोतवाल सुनील दत्त दुबे इन दिनों प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र मिर्जामुराद में डियुटी बजा रहे हैं. पुलिस सुत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कल शाम थाना क्षेत्र से एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण-गायब होने की सूचना प्राप्त हुई थी. बच्चों के गुमशुदा व अपहरण के प्रकरण में पूर्व से संवेदनशील रिकार्डधारी सुनील दत्त दुबे को टीम एलर्ट करते देर ना लगी। मुख्यतः इसी कारणवश 10 घंटे के अथक परिश्रम से अपहरण की रहस्यमयी गुत्थी को सुलझाने में कामयाबी भी मिल गई। जहां बालिका को बरामद करके उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया, वहीं लड़की के प्रेमी चंदन निवासी वेदापुर, थाना कछवा, मिर्जापुर को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
बुलाएगी तो, जाने का नहीं…मोबाइल फोन के जरिए हुई इस दोस्ती में लड़की ने ही लड़के को बुलाया और उसके साथ घर से निकल पड़ी। नाबालिक लड़की की सहमति भी भारतीय कानून के मुताबिक जेल जाने से नहीं बचा सकती है। ऐसे में पुलिस ने अपहरण-गुमशुदा हो या प्रेम प्रसंग….यह गुत्थी तो सुलझा दिया लेकिन ‘हँसमुख लाल’ यांनि कोतवाल साहब..संदेश देते नजर आए कि भविष्य में हर युवक याद रखे कि अगर नाबालिक लड़की बुलायेगी भी तो जाने का नहीं है।
भदोही से चमके हैं कोतवाल – भदोही जनपद के विभिन्न थानों से वर्तमान मिर्जामुराद कोतवाल सुनील दत्त दुबे का गहरा नाता रहा है। पूर्व में जनपद के भदोही गोपीगंज, औराई, सुरियावां, कोईरौना थानों में कार्यरत रह चुके हैं। यहां से ही सर्वाधिक कार्यवाही का रिकार्ड बनाने वाले सुनील दत्त दूबे को मीडिया ने सुर्खियों में ‘सिंहम’ बना दिया था।
अनूठे रिकार्ड – भदोही जनपद से रातोंरात समायोजन से पिछले वर्ष प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र पहुंचे सुनील दत्त दुबे भदोही थाना से उभरे और गोपीगंज व औराई कोतवाली से शीर्ष पर पहुंचते हुए सुरिियावां, कोईरौना थाना भी डियुुटी बजाए थे। ‘सशक्त समाज न्यूज’ टीम के मुताबिक यहां पशु तस्करी हो या मादक पदार्थों की तस्करी या फिर गुमशुदगी-अपहरण प्रतिदिन यही कार्यवाही इनकी दिनचर्या थी। भदोही जनपद से जाते-जवाते करीबन 80 गाड़िया पशु तस्करी की धीरे-धीरे पकड़ चुके थे. मादक पदार्थों में ट्रक भरा गांजा पकड़ने पर सुरियावां के हिस्ट्रीशीटर राजेश सिंह का नाम का प्रकाश में आया था, गांजा से महजूदा गांव भी सुर्खियों में आया था। वैसे अपनी पुलिसिया डियुटी के दौरान गुमशुदगी व अपहरण से बरामदगी करके धीरे-धीरे 100 मामले सुलझाते हुए वियोग में बिलखते परिवारों के आंसू पोछने का रिकार्ड भी यहीं से लेकर गए हैं। औराई में मुँह पर टेप लगी लाश की सनसनीखेज गुत्थी सुलझाने जैसी सैकड़ों कार्यवाही इनकी सुर्खियों में रही थी।



