प्रवासी मजदूर एवं उनको पहुंचानेवाले वाहनचालकों के लिए राहत की खबर सामने आई है। महाराष्ट्र हाईवे पुलिस ने एक नोटिस जारी करते हुए कहा है कि ऐसे वाहन जो प्रवासी मजदूरों को उनके गांव या शहर पहुंचाने का काम कर रहे है, उनसे किसी भी प्रकार का फाइन न वसूला जाए। पुलिस अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि कुछ पुलिसवाले इन सभी गाड़ियों से अवैध वसूली कर रहे हैं।
गौरतलब है कि लॉकडाउन का तीसरा चरण आते ही मजदूरों में गांव जाने के लिए भगदड़ मच गई। जिन हाईवे पर सन्नाटा पसरा था, उन पर गाड़ियों की कतारें लग गईं। कई मजदूर पैदल ही अपनी मंजिल की तरफ निकल गए, वहीं कई ट्रक एवं अन्य वाहनों की मदद से गांव की ओर निकले, बदले में इन सभी प्रवासी मजदूरों ने चालकों को कुछ पैसे दिए। कई लोग प्राइवेट गाड़ियों की मदद से गांव जाने की कोशिश कर रहे है लेकिन हाईवे पुलिस मोटर वेहिकल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर रही है। ‘दोकासा’ के मुताबिक कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पाया कि कुछ पुलिसकर्मी गाड़ियों से अवैध वसूली कर रहे हैं। बुधवार को हाईवे पुलिस ने सर्कुलर जारी करते हुए कहा कि कोई भी पुलिसकर्मी मजदूरों वाले वाहनों से किसी भी प्रकार के फाइन वसूल न करें। अगर उन्हें मामला दर्ज करना है फिर भी वह फाइन लेनेवाले किसी भी प्रकार का मामला दर्ज न करें। अगर कोई भी पुलिसकर्मी किसी भी प्रकार का फाइन लेते हुए पकड़ा गया तो उसे तुरंत निलंबित किया जाएगा।



