जंगलपुर’ में ‘जंगलराज’ – ‘विधायक’ के ‘हाता’ में ‘छलकी’, ‘गरीबों’ की ‘आहह’, फिर ‘डीएम’ आये ‘एक्शन’ में…उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद में भ्रष्टाचार व सुविधा शुल्क वसूली की जड़े काफी गहरी हैं, जहां मजदूरों का हक छीन लिया जाता है. इसका प्रत्यक्ष प्रमाण एक बार फिर ज्ञानपुर विधायक के ‘हाता’ में देखने को मिला, जहां गरीबों की ‘पीड़ात्मक आहह’ जंगलपुर गांव के प्रधान व सेक्रेटरी पर छलकी. इसके बाद विधायक विजय मिश्रा की शिकायत पर भदोही डीएम एक्शन में आये।
गौरतलब है कि भदोही जनपद के ज्ञानपुर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत डीघ विकास खंड के जंगलपुर गांव में मनरेगा मजदूरी और आवास के नाम पर सुविधा शुल्क मांगने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जंगलपुर के मनरेगा मजदूरों ने पिछले दिनों एसडीएम और डीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया था। इसमें आरोप है कि तालाब की खुदाई और अन्य कार्य कराने के बाद भी उनकी मनरेगा मजदूरी नहीं दी गई। प्रधान और सेक्रेटरी द्वारा मजदूरी सहित प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर सुविधा शुल्क लिया जाता है और न देने पर दूसरी किस्त रोकने की धमकी दी जाती रही है। आखिरकार ‘जंगलपुर’ में फैले ‘जंगलराज’ के खिलाफ ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्रा के धनापुर आवास (हाता) पर पीड़ित मनरेगा मजदूर गुरूवार को पहुंचे, जहां महिला एवं पुरुष मजदूरों ने ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र से मिलकर अपनी पीड़ा बयां की।
डीएम आये एक्शन में – ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्रा ने उक्त पीड़ात्मक दास्तां सुनकर भदोही डीएम राजेन्द्र प्रसाद को फोन करके उचित कार्रवाई के साथ पीड़ित मजदूरों को न्याय देने की मांग की। इसके बाद बताया जा रहा है कि ‘डीएम साहब’ एक्शन में आ गये हैं और मामले को त्वरित संज्ञान लेते हुये सीडीओ विवेक त्रिपाठी और डीडीओ जयकेश त्रिपाठी से रिपोर्ट मांगा है। फिलहाल देखना है कि न्यायपूर्ण कार्यवाही कब तक हो पाती है।
विष्णु बने सेवक – ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्रा जहां फरियाद सुनने में व्यस्त थे, वहीं हमेशा की तरह ‘कोरोना संकट’ में भी मानवता ‘पथिक’ सेवक बतौर सक्रिय विधायक के बेटे विष्णु मिश्रा ने गरीब ग्रामीण मजदूरों व महिलाओं के लिये स्वप्रेरित नाश्ता-पानी की व्यवस्था किया. इतना ही नहीं बल्कि सभी को आर्थिक मदद भी दिया, जिसके बाद महिलाओं ने खुशमय आशीष दिया।



