कोरोना संकट में सबसे ज्यादा मुसीबत में रेलवे विभाग है, जो भूसे की तरह कैपीसीटी से चौगुना भरी ट्रेनें संचालित करता था। अब उसे सोशल डिस्टेन्सिंग पालन करवाना है यांनि पूरी ताकत भी झोंक दिये तो भी एक सीट पर एक मुसाफिर। फिलहाल ऐसी स्थिति में भी शुरू हुई वेटिंग टिकट की सुविधा जानकार रेल यात्रियों के गले नहीं उतर रही है।
मिडिया रिपोर्टस के मुताबिक 12 मई से शुरू हुई विशेष ट्रेनों की बुकिंग केवल आईआरसीटीसी के जरिए ही संभव है। बुकिंग शुरू होते ही महज कुछ मिनटों में सभी ट्रेनें फुल हो गईं। इसका मतलब है कि टिकट डिमांड बहुत ज्यादा है। रेलवे की ओर से बुधवार को नई शर्तें जारी की गईं। इसके अनुसार, प्रथम एसी में 20, द्वितीय एसी में 50 और तृतीय एसी में 100 वेटिंग बुक हो सकती है। अब ट्विस्ट ये है कि इंटरनेट पर बुक की गई वेटिंग टिकट यदि कन्फर्म नहीं होती हैं, तो वह ऑटोमैटिक ही रद्द हो जाती है। ऐसे में रेलवे यात्री से एसी श्रेणी के लिए ₹65 क्लेरिकल चार्ज के रूप में काट लेती है। यहां ये भी बता दें कि इन विशेष ट्रेनों में कन्फर्म टिकट कैन्सल कराने पर 50% रक़म कट जाती है। इस स्थिति में वेटिंग टिकट का कन्फ़र्म होने के चान्स कम ही हैं। फिलहाल इस वेटिंग के खेल में तकदीर तो कुछ यात्रियों की खुलेगीं लेकिन वेटिंग कंन्फर्म ना होने से जेब अधिकांश रेल यात्रियों की खाली होगीं।
http://www.sashaktsamaajnews.com/2020/05/14/toll-plaza-manager-cheating-with-government-revenue/



