‘कलंक’ से बचने के लिये ‘सिर कलम’ करके, बेटी को ऐसे जा रहा था दफनाने..

हर समाज की अपनी एक पुश्तैनी व सांस्कृतिक परंपरा है, जिस पर हर कोई आधुनिकता की डगरी चलकर भी जुड़ा रहना चाहता है। कई बार यहां आधुनिकता की शिक्षा में पाश्चात्य प्रथा की ओर नवपीढ़ी कदम बढ़ा देती है। इश्क-मोहब्बत का जंजाल सामाजिक पंचाईत में ‘कलंकी’ बना देता है, जिस ‘कलंक’ से बचने के लिए जहां आरूषी हत्याकांड जैसी घटनायें भी देश में हो चुकी हैं, वहीं आज भी कलंक और सिर उठाकर चलने वाला स्वाभिमान ‘मानवता की दहलीज’ पर दम तोड़ता नजर आ रहा है। एक ऐसी ही घटना मुंबई के प्रवेशद्वार कल्याण-ठाणे से सामने आई है, जो आपको झकझोर देगी।

गौरतलब है कि कल्याण रेल स्टेशन के बाहर एक महिला की ‘सिर कटी’ लाश पुलिस को एक बैग में मिली थी, जिस मामले की गुत्थी ठाणे क्राइम ब्रांच यूनिट-१ ने 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए बेटी के पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार रविवार की शाम करीब 5 बजे के आसपास एक अज्ञात व्यक्ति भारी बैग लेकर रिक्शा पकड़ा था। बैग से दुर्गंध आ रही थी, तभी रिक्शा चालक ने उस व्यक्ति को टोका और रिक्शा छोड़ कर अज्ञात व्यक्ति भाग गया। रिक्शा चालक ने तुरंत कल्याण के महात्मा फुले पुलिस को संपर्क किया। जहां पहुंचे पुलिसकर्मी बैग खोलते ही दंग रह गए। पुलिस को बैग से एक महिला की ‘गला काट’ लाश मिली। फिर इस मामले में ठाणे क्राइम ब्रांच ने छानबीन शुरू कर दिया।

छानबीन – पुलिस ने कल्याण रेल स्टेशन का सभी सीसीटीवी खंगालने लगे। पुलिस के हाथ लगे सीसीटीवी फूटेज में आरोपी जाते हुए दिखाई दिया। इसी दरमियान क्राइम ब्रांच अधिकारी संजय बाबर को सूचना मिली कि उक्त व्यक्ति अरविंद तिवारी (47)हैै, जो इंदिरा नगर टीटूवाला का रहने वाला है। पुलिस जब आरोपी के घर गई तो वहाँ से अरविंद फरार था।

इश्किया कलंक – क्राइम ब्रांच को पता चला कि अरविंद मलाड में एक ट्रांसपोर्ट में काम करता है, पुलिस का एक टीम ने मलाड से अरविंद को हिरासत में लिया। पूछताछ में अरविंद ने बताया कि लाश उसके ही बेटी प्रिंसी तिवारी (22) की हैं। प्रिंसी एक लड़के से प्यार करती थी जो अरविंद को पसंद नही था। अरविंद के मना करने के बाद भी प्रिंसी अपने प्रेमी से मिलती थी। रविवार को जब प्रिंसी अपने प्रेमी से मिलकर घर गई तभी पिता अरविंद ने अपने बेटी की हत्या कर दिया। लाश को दो टुकड़ों में काट कर एक टुकड़ा बैग में ढाल कर ठिकाना लगाने के लिए रिक्शा में जा रहा था।

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