भदोही कंठ (९) – बीडीसी परिवार दहशत के साये में, SC/ST मुकदमें में फंसाने की कवायद तेज.!

सुरियावां ब्लाक परिसर में सरकारी पेड़ बेचने में की गई धांधली के आरोप में भाजपा विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी, ब्लाक प्रमुख अनिरुद्ध त्रिपाठी सहित आठ लोगों के खिलाफ सुरियावां पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है लेकिन भ्रष्टाचार को उजागर करने वाला बीडीसी परिवार दहशत के साये में है।

गौरतलब है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य आशीष सिंह ने कोर्ट में वाद दाखिल कर शिकायत दर्ज कराई थी कि सुरियावां ब्लाक परिसर में स्थित शीशम व नीम के पांच-पांच व आम के तीन पेड़, यूकेलिप्टस के 15 पेड़ स्थित थे, जिसकी मौजूदा कीमत करीब 12 लाख रुपये थी। विधायक और ब्लाक प्रमुख सरकारी पेड़ को कटवा कर उठा ले गए। इसकी जानकारी होते ही खंड विकास अधिकारी को साजिश में लेकर कूटरचित कागजात तैयार कर पेड़ों की नीलामी कर दिया गया। इस मामले में कोर्ट ने विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी, अनिरूद्ध त्रिपाठी के अलावा उनके परिवार के ही चंद्रभूषण तिवारी, जिला पंचायत सदस्य सचिन त्रिपाठी, नीतेश तिवारी, दीपक तिवारी, आशीष तिवारी व अनिल मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। थानाध्यक्ष विजय प्रताप ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपितों के खिलाफ जालसाजी और लोकसंपत्ति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

प्रतिक्रिया sashaktsamaaj@gmail.com दीजिये और हिंदी में होने पर सशब्द प्रकाशित किया जायेगा….

SC/ST मुकदमें में फंसाने की कवायद तेज.!                                                        राज्य के मुखिया योगी आदित्यनाथ व शासन-प्रशासन को जैसे ही सरकारी पेड़ो का कत्लेआम करके भ्रष्टाचार के संदर्भ में बीडीसी नेे पत्र लिखा वैसे ही विधायक परिवार ने बौखलाहट में मारने-पीटने के लिये दौड़ा लिया था, जिसके बाद न्यायालय सेे ठेकेदार विधायक परिवार पर एफआईआर दर्ज का आदेश मिलते ही बीडीसी ने तो राहत की सांस ली। फिलहाल विधायक ने खुद ही अपने ‘ड्राईवर’ व ‘हरवाह’ सहित मजदूरों को तैयार करके SC/ST मुकदमें में बीडीसी ही नहीं बल्कि पारिवारिक सदस्यों को भी फंसाने का अनौपचारिक संदेश भेजवा दिया है। अब ‘योगीधाम’ व ‘न्यायालय’ से राहत के बाद भी बीडीसी परिवार दहशत के साये में है।

‘योगीजी-मोदीजी’ की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का समर्थन कीजिये..

 

http://www.sashaktsamaaj.com/2019/09/14/भ्रष्टाचार-का-दलदल/

Leave a Reply

Discover more from सशक्त समाज न्यूज़

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading