डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने के बाद जूनियर पवार ने चुप्पी साधे रखी थी, लेकिन रविवार शाम 4 बजे अजित पवार अचानक से ट्विटर पर सक्रिय हुए और एक के बाद एक 22 ट्वीट किए. उन्होंने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री की बधाई का जवाब दिया और महाराष्ट्र में पांच साल की स्थिर सरकार देने का वादा किया. अजित पवार ने ये भी कहा कि वे एनसीपी में हैं और इसी पार्टी में रहेंगे. उन्होंने शरद पवार को ही अपना नेता घोषित किया. जूनियर पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी एनसीपी की सरकार पांच साल तक चलेगी और लोगों के लिए काम करेगी.
शरद पवार का पावर प्ले – डिप्टी सीएम अजित पवार के ट्वीट से एनसीपी में सनसनी मच गई. लोगों को समझ में न आया कि आखिर एनसीपी इस सरकार को समर्थन कर रही है या नहीं. भ्रम की ये स्थिति तब छंटी जब शरद पवार ने भी ट्विटर पर मोर्चा संभाला और कहा कि अजित पवार लोगों को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी से गठबंधन का कोई सवाल ही नहीं है. एनसीपी ने एकमत से शिवसेना और कांग्रेस के साथ जाने का फैसला किया है. शरद ने कहा कि अजित पवार का बयान लोगों में भ्रम फैलाने के लिए है।
सज गई मिनी ऐसेंबली – महाराष्ट्र के गेम में थ्रिलर सोमवार शाम को आया, जब मुंबई के होटल हयात में कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना ने मिनी एसेंबली ही सजा दी. यहां पर 162 विधायकों की मौजूदगी का दावा किया गया. एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने हयात होटल से हुंकार भरी और दावा किया कि महाराष्ट्र की सत्ता के असली हकदार वहीं हैं क्योंकि उनके पास संख्याबल भी है. पवार ने कहा कि बीजेपी को समझना चाहिए कि ये कर्नाटक और गोवा नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे 162 से ज्यादा विधायक भी जुगाड़ कर देंगे. वहीं उद्धव ने कहा कि अब वे बताएंगे कि शिवसेना क्या चीज है? (साभार ‘प्रवासी संदेश)


