भदोही जिलाध्यक्ष – जन-जन की समस्या का त्वरित करूंगी निदान, घुसखोरी व ठगी से जनमानस नाराज.!

उत्तर प्रदेश में चल रहे भाजपा संगठन चुनाव में महिला नेत्रियों ने भी अपना दावा ठोक दिया। यह तथ्य अलग है कि सुनवाई उन्हीं की हो रही है, जिन्होनें किसी विधायक-सांसद की छत्रछाया हांसिल कर रखा है। फिर भी महिला नेत्रियों की भूमिका देखने को शायद पुरूष बाहुल्य प्रदेश संगठन तैयार नहीं है। जिलाध्यक्ष पदस्थ कमान देना तो दूर की बात। भदोही जिलाध्यक्ष पद हेतु ५५ प्रत्याशियों में शामिल सपना दूबे से ‘सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क के संवाददाता नीरज शुक्ला ने औपचारिक मुलाकात की, जहां उनकी भूमिका व योग्यता पर बातचीत की।

प्रतिक्रिया sashaktsamaaj@gmail.com पर दीजिये और हिंदी में होने पर सशब्द प्रकाशित किया जायेगा….

भाजपा भदोही के एक पदाधिकारी के मुताबिक महिला नेत्री सपना दूबे पूर्व पार्षद इलेक्टेड, पूर्व सदस्य जिला योजना समिति इलेक्टेड की शैक्षणिक डिग्री पुरूष वर्ग के अनपढ़ भ्रष्टाचारियों को आईना दिखा रहे हैं। सपना दूबे जहां शैक्षिक योग्यता में बी एड मास्टर आॅफ सोशल वर्क (M.S.W. ) से पी.जी. एल. एल. बी. हैं, वहीं भाजपा में संगठन दायित्व – बूथ प्रभारी सेक्टर प्रभारी मंडल प्रभारी, नौ गढ़ मंडल चुनाव प्रभारी,
मिर्जापुर सदस्यता प्रभारी, काशी क्षेत्रीय मंत्री काशी महिला मोर्चा, काशी क्षेत्रीय महामंत्री महिला मोर्चा जैसे कई दायित्त्वान पद को सुभोभित कर चुकी हैं। वर्तमान दायित्व जिला उपाध्यक्ष भाजपा भदोही की उनके उपर है।

सपना दूबे कहती हैं...हमारे सामाजिक कार्य छोड़िये बल्कि नवयुग सोशल मीडिया नेटवर्किंग पर हमारे फेसबुक फालोअर्स की संख्या 37650 है। सामाजिक कार्यो में महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण, दलितों की शिक्षा पर जोर व उत्पीड़न पर आवाज, बाल श्रम व उत्पीड़न पर आवाज उठाना, शिक्षा पर जोर बेटी पढाओ बेटी बचाओ अभियान, महिलाओं को सिलाई मशीन वितरित कर रोजगार से जोड़ने का प्रयास बतौर भाजपाई हमनें भदोही जनपद में किया है।

सपना दूबे का उद्देश्य – जहां हर वर्ष जनता 5वर्ष में परिवर्तन की आश में रहती है, छोटे- छोटे कार्यों हेतु विभागों के चक्कर व घूसखोरी के चपेट में आ जाती है…एक प्रयास की जन-जन तक पहुंचकर व समस्या को सुन त्वरित निदान कर सकूं, बस यही महत्वकांक्षा है। जनता जब वोट करती है तो एक आश रहती है कि ‘फला’ सरकार आएगी व हमारा कष्ट दूर करेगी। किंतु सदैव ही ‘ठगी’ रह जाती है। समाज की सिपाही होने के नाते एक अवसर अगर संगठन दे तो उस जिम्मेदारी पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगी।

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