केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह न मिलने के बाद भाजपा ने अपना दल (एस) को दूसरा झटका बड़े धीरे से दिया है। दो हफ्ते पहले योगी मंत्रिमंडल के विस्तार में कयास लगाये जा रहे थे कि पार्टी की नेता अनुप्रिया पटेल के पति व एमएलसी आशीष पटेल को जगह मिलेगी, हालांकि ऐसा नहीं हुआ। वैसे अंदरखाने की खबर यह है कि आशीष पटेल को राज्यमंत्री बनाने के लिए योगी तैयार थे लेकिन कैबिनेट से नीचे पद लेने को वे तैयार नहीं थे। उलटे योगी सरकार ने अनुप्रिया को मुंह चिढ़ाते हुए मिर्जापुर के मड़िहान से भाजपा विधायक रमाशंकर पटेल को मंत्री बना दिया। गया। मिर्ज़ापुर अनुप्रिया का गढ़ है और वे वहां से दूसरी बार सांसद चुनी गई हैं। रमाशंकर पटेल का पद पार्टी ने इसलिए बढ़ाया ताकि पूर्वांचल में कुर्मी वोट बैंक को अपने दम पर और मज़बूत किया जा सके। इसकी शुरुआत स्वतंत्र देव सिंह को पार्टी ने उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पहले ही कर दी गई थी। मिर्ज़ापुर के रहने वाले स्वतंत्र देव कुर्मी समाज के बड़े माने जाते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि लोकसभा चुनाव से पहले अनुप्रिया व उनके पति आशीष ने कई मुद्दों को लेकर भाजपा से असहमति जताई थी। भाजपा से नाराजगी के चलते चुनाव से पहले अनुप्रिया ने कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी से भी संपर्क साधा था। कांग्रेस से संपर्क साधने के चलते बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व उनसे नाराज भी हो गया था। फ़िलहाल अपना दल (एस) के उत्तर प्रदेश में 2 सांसद और 9 विधायक हैं।
आॅपरेशन अपना दल, जोर का झटका धीरे से.!


