२००५ में अपात्र २०१८ में पात्र पोयेसर नदी चौड़ीकरण में झोल ही झोल

मुंबई (सं. भा.)। कांदिवली (प.) के लालजी पाड़ा के जनता कॉलोनी क्षेत्र में पोयेसर नदी का चौड़ीकरण मनपा साऊथ विभाग कार्यालय द्वारा किया गया है। इस चौड़ीकरण के दौरान मनपा अधिकारियों और स्थानीय दबंग नगरसेवक के मिलिभगत से झोल ही झोल किया गया है। आर टी आई से यह खुलासा भी हुआ है। इस आरटीआई से पता चलता है कि जिस झोपड़े को २००५ में मनपा आर साऊथ विभाग कार्यालय द्वारा अपात्र घोषित कर दिया गया था अब २०१८ में उसी झोपड़े को पात्र कर दिया गया है।

गौरतलब है कि पांडे नामक व्यक्ति द्वारा २००५ में बी के यादव से लालजी पाड़ा के जनता कॉलोनी में घर खरीदा गया था। २००५ के २६ जुलाई को मुंबई में आई बाढ़ के दौरान में पोयेसर नदी का चौड़ीकरण किया गया था। उस दौरान उक्त झोपड़े को मनपा आर साऊथ के अधिकारियों द्वारा अपात्र घोषित किया गया था। अब जब २०१८ में इसी पोयेसर नदी के चौड़ीकरण सर्वे किया गया तो पांडे द्वारा खरीदे गए उस वक्त अपात्र किए गए झोपड़े को अब किस आधार पर पात्र किया गया है? यह सवाल उठना लाजमी है। क्षेत्र के लोगों की माने तो पांडे का रिश्तेदार शुक्ला नामक व्यक्ति स्थानीय नगरसेवक का बेहद करीबी बताया जाता है। उसी करीबी का फायदा पांडे ने उठाया है। इतना ही नही रामअचल यादव ने जनता कॉलोनी में २०११ में ६ रुम की चॉल बनाई थी उस दौरान इस अवैध चॉल को लेकर मनपा आर दक्षिण विभाग कार्यालय में स्थानीय लोगों ने शिकायत भी की थी। तब मनपा ने तोड़क कार्रवाई को अंजाम भी दिया था। पोयेसर नदी के २०१८ में किए गए चौड़ीकरणसर्व के दौरान उक्त अवैध चॉल के पांच घरों को पात्र करवाने की कोशीश नें रामअचल यादव लगे हैं। सूत्रों की माने तो यादव एक घर अपने बेटे के नाम पर भी पात्र करने की जुगत मे लगे हैं।

मनपा आर दक्षिण विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनका काम सिर्फ एनएक्स्चर बनाना है। पात्र था अपात्र सहायक मनपा आयुक्त। डीएमसी द्वारा कागजात आदी देखने के बाद किया जाता है।

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