
मुंबई (सं. भा.)। मालाड पश्चिम में मनपा द्वारा साईनाथ मार्केट स्थानीय रहिवासियों की सुविधा और सस्ता सामान मिल सके इसके लिए बनाया गया है। इस मार्केट में इंस्पेक्टर राज होने के कारण भ्रष्टाचार ने पूरी तरह जड़ जमा लिया है। एक ही दुकान को भाड़े पर लेने वाले व्यक्ति द्वारा किसी अन्य को भाड़े पर चढ़ा दिया जाता है। लोग कहते हैं कि साईनाथ मार्केट में कुछ भी करो कोई पुछने वाला नही है। सिर्फ वहां पर नियुक्त मनपा बाजार व उद्यान विभाग के इंस्पेक्टर अशोक घड़म की जेब गरम करते रहो।
बता दें कि लगभग ४० साल पहले साइर्नाथ मार्केट को मनपा द्वारा निर्माण किया गया था। यहां फल, फुल, सबजी के अलावा मच्छीमारों को मच्छली बेचने का स्टॉल आवंटित किया गया था। इस मार्केट का संचालन सही तरीके से हो इसके के लिए मनपा बाजार एवं उद्यान विभाग द्वारा इंस्पेक्टर की न्युक्ति की गई।
इन्ही इंस्पेक्टरों की मेहरबानी से फल,फुल और सब्जी के स्टॉलों में से बहुत से स्टॉल दुकानों में बदल चुके हैं। इन दुकानों में अब रेडीमेड कपड़ों का व्यवसाय फल फुल रहा है। इतना ही नही मनपा इंस्पेक्टरों की ही मेहरबानी से जो सड़क मार्केट में आने जाने वालों की सुविधा के लिए बनाया गया है वहां अब अवैध छपरी लग गए हैं। इन छपरियों पर हर तरह के सामान बेचे जाते हैं। इन छपरियों के कारण सबसे ज्यादा परेशानी उन महिलाओं को होती है जो यहां सामान खरिदने के उद्देश्य से आती हैं। इन छपरियों पर सामान देखने और मोल-भाव करने के बाद अगर महिला ने खरीदी नहीं की तो उन्हें छपरियों पर खड़े बेचने वालों के गंदी फब्तियों का सामना भी करना पड़ता है। कुछ वर्ष पहले दुकानदारों और छपरी वालों में कुछ इसी तरह की बात को लेकर जमकर मारपीट भी हो चुकी है। इतना ही नही इंस्पेक्टर अशोक घड़म की मेहरबानी से यहां की दुकानों को भाड़े पर देने वाला व्यक्ति किसी तीसरे व्यक्ति को उक्त दुकान भाड़े पर चढ़ा कर ऐश करता है। यहां तक की दुकानों के सामने या अगल-बगल में खाली पड़ी जगहों पर भी लोग बेधड़क धंधा लगाते है और घड़म की जेब गरम करते रहते हैं।


