केकड़ागिरी में मस्त, मिट्ठूमियां ‘लड़ेगें’ परधानी…
दिल को खटके, जरा हटके… 💘💘💘💘💘 परधानी है करीब देखो, नेता ‘खरीददार’ मिलेगें लाख-पचास हजार में, समर्थक दमदार खिलेगें समर्थक ‘दमदार’ खिलेगें, यही वोट का है पौधा मनखोट ‘बिकेगा’ तो, स्वाभिमान ‘गिरेगा’ औधा कहे ‘बहुरूपीय’ मौन, समाजसेवी ‘नहीं’ हैं दानीं केकड़ागिरी में मस्त, मिट्ठूमियां ‘लड़़ेगें’ परधानी…


