‘गांधीगीरी’ पर उतरी ‘कांग्रेस’, नेता की ‘आजादी’ के लिये ‘जारी’ है यह ‘काम’…

उत्तर प्रदेश में कांग्रेसियों ने गांधीगिरी स्टाइल में मुहिम छेड़ दी है, जहां ‘योगीराज’ कैद हुए नेता की आजादी के लिए जिला व ब्लाक स्तरीय मुहिम जारी है। इसका असर रायबरेली में भी देखने को मिल रहा है, जहां जनता के बीच सवाल उठाये जा रहे हैं।

रायबरेली कांग्रेस के नेता कमल सिंह चौहान ने प्रदेश सरकार के रवैये पर उठाए सवाल कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को जेल में डालकर आखिर क्या संदेश देना चाहती है प्रदेश सरकार ,करीब 22 दिन से अजय कुमार लल्लू को जेल में बंद कर रखा है, उनका गुनाह क्या है ? सिर्फ इतना कि उन्होंने गरीब मजदुरो की मदत के लिए वो जो बसें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा भेजी गई थी, केवल उनके लिए वो उत्तर प्रदेश बॉर्डर तक गए थे कि आसानी से मजदुरो को सुरक्षित उनके घर तक पहुचाया जा सके। उसके लिए उनका जुर्म सरकार की नजर में इतना बड़ा हो गया कि उनके ऊपर इतनी धाराएं लगवा दी गयी कि करीब 22 दिन से उनको जेल में रहना पड़ रहा है, वही प्रदेश भर के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा सेवा सत्याग्रह सरकार के विरोध में शुरू किया गया। जिसमें 6 जून से 12 जून के बीच पूरे प्रदेश में हर ब्लॉक में कांग्रेस रसोई का आयोजन किया गया जिसमें लाखो लोगो तक भोजन पहुचाया गया। मुहिम के तहत 13 जून को पूरे प्रदेश में जगह जगह पर लॉकडाउन का पालन करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मौन व्रत का आयोजन किया गया। फिर भी लखनऊ के हमारे कुछ युवा साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया, आखिर ये सरकार चाहती क्या है..? जनता की समझ से परे है। कांग्रेस देश भर में गरीब मजदुरों को भोजन कराने, राशन पहुचाने,व मजदुरो को सुरक्षित घर पहुचाने का कार्य कर रही है, जोकि ये कार्य केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किया जाना चाहिए। किन्तु सत्ता पक्ष के हिस्से का कार्य भी कांग्रेस पार्टी बखूबी से कर रही है, वही पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने के लिए हमारे प्रदेश अध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया गया। फिर भी शायद ये सरकार ये भूल रही है कि हम कांग्रेसी हैं, हमारा मनोबल तोड़ने की कोशिश कदापि न करे ये सरकार….हम लोगो का नेतृत्व प्रियंका गांधी कर रही हैं प्रत्येक कांग्रेसी प्रदेश सरकार से ये निवेदन करता है कि प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी कार्यकर्ताओं को रिहा करे।

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