उत्तर प्रदेश की पुर्वांचली राजनीति के बाहुबली कहे जाने वाले विधायक विजय मिश्रा मंगलवार को फिर एक बार सुर्खियों में हैं। मुख्यतः इसका कारण बताया जा रहा है कि भदोही वापसी हेतु संपर्क करने का मैसेज सोशल मीडिया पर कुछ खुरापातियों ने वायरल कर दिया है, जिससे विधायक के मोबाइल की घंटी परदेशियों से दिनभर टनटनाती रही। इस दौरान ‘मायावती सरकार’ में मिली ‘१८ महीनें’ की काली रात भी उन्हें याद आ गई है, जिसका जिक्र करके वे परदेशियों को समझा रहे हैं। पीएम-सीएम की बात मानने की अपील करने के साथ भदोही में पूर्ण सहयोग का दावा भी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि भदोही जनपद के ज्ञानपुर से विधायक विजय मिश्रा कोरोना महामारी में स्थानीय शासन को दवा-मास्क वगैरह के लिये २१ लाख विधायक नीधि दिये, जिसके बाद क्षेत्र में ११ दिन ५ हजार निरंतर रेडी लंच का संकल्प पूर्ण करवाये। इसके बाद लाॅकडाऊन के दूसरे दौर हेतु ७० कुंतल खाद्य सामग्री तहसीलदार के यहां जमा करवाये, जिससे ज्ञानपुर विधान सभा क्षेत्र के बिना राशन कार्ड व जरूरतमंदों में आवश्यकता के हिसाब से वितरण जारी रहे। खैर…भले विधायक खुद को जनबली बताते हैं लेकिन एक दौर था जब बाहुबली लाव-लश्कर के साथ भदोही ही नहीं बल्कि पुर्वांचली भ्रमण में देखे जाते थे। यह बात अलग रही है कि क्षेत्रिय जनता के समक्ष जनसेवक बनकर नतमस्तक रहे हैं। इसी का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि चौथी बार भी ज्ञानपुर की जनता ने इन्हें विधायक बतौर पदस्थ किया है। फिलहाल कोरोना महामारी के दौरान अचानक बाहुबली विधायक को १८ महीनें वाली काली रात याद आई गई है, जो परदेशियों को सुनाकर लाॅकडाऊन में सीएम-पीएम के निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहे हैं। मंगलवार की सुबह से ही जब घंटी मोबाइल पर बजनी शुरू हुई तो पहले विधायक कुछ नहीं समझ पाये लेकिन फिर कुछ परदेशियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर भदोही जनपद लौटने हेतु सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल हो रहा है। फिलहाल अब विधायक विजय मिश्रा wtapps सहित विभिन्न माध्यमों परदेशियों से आग्रह कर रहे हैं, जिसमें मायावती सरकार के दौर के खुद झेले 18 महीनें की काली रात की दास्तां सुनाकर, लाॅकडाऊन पालन करते हुये जहां हैं, वहीं परदेशियों को रहने हेतु प्रोत्साहित कर रहे हैं।

चर्चा में आंतरिक अपील – विधायक विजय मिश्रा के wtapps पोस्ट में स्पष्ट लिखा है कि “जो दूसरे राज्य में हैं लाॅकडाऊन का पालन करें. 2009 में भदोही उप चुनाव बहन मायावती सीएम यूपी हार गई तब, मुझे फर्जी केस में 18 महीनें से अधिक दिन मेरठ के फांसी घर में बंद कर दिया था. आप लोग दो महीनें भी एक जगह नहीं आराम कर सकते.? फर्जी wtapps/फर्जी फेसबुक पर भरोसा ना करें, माननीय पीएम-सीएम के आदेश का पालन करें और सुरक्षित रहें। जनपद भदोही में आपके परिवार में कोई भी खाना-पानी या दवाई की जरूरत हो तो जरूर बतायें…आपका ही विजय मिश्रा



