भदोही जनपद में आखिरकार भ्रष्टाचारियों ने अपना चेहरा दिखा ही दिया, जहां तमंचा-रिवाल्वर के दम पर ठेकेदारी कार्यों की धनराशि वसूली चल रही है। भदोही में अब हाय-तौबा मची है, वहीं तमंचा के दम पर ठेकेदारी का डिस्को करने वालों को बचाने के लिये जनपद के ‘माननीय’ कवायद में जुट चुके हैं। फिलहाल उक्त शासनिक कार्यालय एक ‘माननीय’ के प्रतिष्ठान प्रांगण परिसर में किराये पर होने के कारण भ्रष्टाचारियों की दबंगई का नजारा देखने को मिल रहा है। भदोही जनपद में ठेकेदारों को बचाने के लिये भाजपा सहित अन्य माननीय कूद पड़ते हैं। यहीं भाजपा की भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों को कुठराघात लगता है।
जगजाहिर है कि ‘त्वरित विकास योजना’ में भ्रष्टाचार की खबरें ‘सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क ने निरंतर प्रकाशित किया था, जिसके बाद टेंडरिंग धांधली का मामला जहां एक ठेकेदार द्वारा हाईकोर्ट में पहुंचा दिया गया है, वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय से आदेशित-आच्छांदित जांच की रिपोर्ट में खामियां मिली है। इसी मामले को लेकर भदोही विधायक व उनके कुनबे द्वारा निरंतर फर्जी एफआईआर ‘सशक्त समाज’ के स्तंभकार सुनील तिवारी व ‘सशक्त समाज’ पर दर्ज करवाकर एकतरफा चार्जशिट भी लगवाई गई है। फिलहाल एक मिडिया रिपोर्टस के मुताबिक भदोही जिले में पैसे के भुगतान को लेकर शनिवार की सुबह 11 बजे एक ठेकेदार ने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) के अधिशासी अभियंता केसी श्रीवास्तव के आगे तमंचा लहरा दिया। यही नहीं अभियंता को बिल भुगतान जल्द करने को लेकर धमकी भी दी। इससे दफ्तर में खलबली मच गई। मामले में अब तक थाने में तहरीर नहीं पड़ी है, लेकिन दफ्तर के कर्मचारी भयभीत हो गए हैं।
अधिशासी अभियंता केसी श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को वह दफ्तर का काम निपटा रहे थे। उसी समय ज्ञानपुर नगर से सटे एक गांव का एक ठेकेदार पहुंचा और रोके गए भुगतान कराने के लिए दबाव बनाने लगा, जबकि उक्त ठेकेदार की ओर से कराया गया काम निम्न स्तर का था। जांच के बाद भुगतान की बात की तो कमर में हाथ डालकर तमंचा निकालकर दिखाने लगा। इससे दफ्तर में बैठे अन्य कर्मी समेत वह खुद सहम गए, हालांकि बिना जांच भुगतान में असमर्थता जताई। उक्त ठेकेदार ने धमकी दी कि भुगतान न करने पर अंजाम बुरा होगा। उक्त घटना से दफ्तर में हड़कंप मच गया।
अभियंता ने बताया कि उक्त ठेकेदार के साथ वेदपुर और घरांव का भी एक ठेकेदार था। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है। उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सीडीओ विवेक त्रिपाठी ने कहा कि उनके संज्ञान में भी मामला आया है। ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।


