कलयुगी कथा (1) – बेटी ने दिया कलंक, पिता ने समाप्त की जीवन लीला, बेटा था विदेश, कंधा नसीब नहीं…

???????? ?????? - ?????? ??? ????? ???? ?? ?? ?? ????...

हर पिता की ख्वाईशें होती हैं, बेटा-बेटी खुशमय पढ़े-लिखे और नाम रौशन करें लेकिन जब नसीब में अधंकार व कलंकित कर्म का छीटा पड़ता है तो बर्दाश्त कर आसान नहीं होता। एक बेटी के लिये जिस पिता ने उसके जन्म से शिक्षा-दीक्षा के बाद तक के सपनें संजोये थे, वही पिता अपनी बहन के पास अंबाला गया था। जहां उसे उल्टियां लगने लगी। जिस पर बहन व जीजा उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उसे चिकित्सकों ने मृत बता दिया। गांव में उसकी मौत की सूचना पहुंची, तो उसके भाई अंबाला पहुंचे और शव लेकर आए। बेटा बाहर होने की वजह से उसके भाइयों ने शव का संस्कार किया। यह किसी कहानी की पटकथा नहीं बल्कि हरियाणा के यमुनानगर की कलयुगी कथा है।

एक बेटी ने घर से भागकर प्रेमी संग लव मैरिज कर ली। इससे पिता ने आत्महत्या कर ली। पहले तो स्थानीय जगाधरी सदर थाना क्षेत्र के गांव से तीन-चार दिन पहले युवती लापता हो गई थी। पिता ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदार के अलावा कई शहरों में उसकी तलाश की। इसके बावजूद वह नही मिली। एक दिन पिता को जो जानकारी मिली, वो बर्दाश्त नहीं कर पाया।
पता लगा कि बेटी ने पड़ोस के ही युवक के साथ भागकर लव मैरिज कर ली है, जिसके बाद से ही वह तनाव में रहने लगा। उसका एक बेटा भी बाहर विदेश में रहता था। घर पर अकेला होने की वजह से वह तनाव नहीं झेल सका।

Leave a Reply

Discover more from सशक्त समाज न्यूज़

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading