भदोही जनपद पुलिस पर सत्तादल का दंभ भरने वाला स्थानीय सियासी दबाव फेल हो गया, पीड़ित महिला निरंतर दुष्कर्म का आरोप लगाने के बाद से अडिग रही। मुख्यतः यही कारण है बड़ी तेजी से जांच-पड़ताल जहां भदोही पुलिस ने किया, वहीं बुधवार को विधायक रविन्द्र नाथ त्रिपाठी समेत सात लोगों के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक वाराणसी की एक महिला ने 10 फरवरी को एसपी से शिकायत कर आरोप लगाया था कि वर्ष 2014 से ही संदीप उसे शादी करने का झांसा देकर जबरदस्ती करते रहे। इस दौरान गर्भपात भी कराया। मई 2017 में भदोही विधानसभा चुनाव के समय भदोही स्थित होटल में विधायक सहित उनके भतिजे-बेटे ने बारी-बारी से दुराचार किया। इसकी शिकायत भी वह संदीप से करती रही लेकिन वह मामले को नजर अंदाज करते रहे। 9 फरवरी 2020 को जब उसने शादी करने को कहा तो उसे फिर एक बार जान से मारने की धमकी दी गई।

एसपी रामबदन सिंह मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा को सौंपी थी। बुधवार को एएसपी ने मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंप दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टिया दोषी पाते हुए सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना करने के लिए भदोही कोतवाली में टीम गठित कर दी गई है। साथ ही तीन सदस्यीय टीम गठित कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
इन पर दर्ज हुआ मुकदमा–भदोही पुलिस द्वारा उपरोक्त मामले में मुख्य सुत्रधार आरोपी संदीप तिवारी पुत्र आदित्य नारायण तिवारी के साथ…भदोही भाजपा विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी , जिला पंचायत सदस्य सचिन आदित्य नारायण तिवारी, चंद्रभूषण आदित्य नारायण तिवारी, दीपक रविन्द्र नाथ तिवारी, प्रकाश रविन्द्र नाथ त्रिपाठी, नीतेश रविन्द्र नाथ त्रिपाठी पर भदोही कोतवाली में सामूहिक दुराचार और गर्भपात कराने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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