‘सपा नेत्री’ का ‘कड़ा प्रहार’ – चीरहरण से ‘चिखती’ महिलाएं, राजनीति मे ‘रावण और दुर्योधन’ साथ हैं.!!

  • !!मंच से महिला सुरक्षा की लंबी लंबी बातें और उनके खुलते मुखौटे.!!
  • !!जहां राजनीति मे रावण और दुर्योधन साथ हैं वहां महिला सम्मान बेमानी ही होगी – विंदू सरोज
  • सत्ता हथियाने के लिए हमारे नेता किसी भी हद तक जा सकते हैं.!!
एक कार्यक्रम में पहुंची सपा नेत्री विंदू सरोज ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक महिला शिक्षित होते हुए भी घर की चार दिवारी लांघने से पहले सौ बार सोचती है. जहां राजनीति मे रावण और दुर्योधन साथ हैं, वहां महिला सम्मान बेमानी ही होगी.! भदोही जनपद में पंचायत चुनाव के दौरान सपा नेत्री द्वारा महिलाओं के सम्मान को बयां गई पीड़ात्मक दशा-दिशा वाकई झकझोर देने वाली है……
सपा विंदू सरोज ने एकत्रित जनसमूह व मीडिया के समक्ष कहा कि ‘बात दलित पिछड़ी महिलाओं की शिक्षा की हो या संसद में महिलाओं को आरक्षण देने की..दोनों जब तक पूर्ण नहीं होते, तब तक महिलाएं राजनीति में पुरुषो के कंधे से कंधे मिलाकर राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा नही ले पाएंगी. एक महिला के साथ हिंसा को केवल हिंसा के रूप में देखा जाना चाहिए न कि राजनीतिक चश्में से उसे सही ठहराने की कोशिश करनी चाहिए.!’
आगे उदाहरण दिया कि यूपी अंतर्गत एक जिले के मोहम्मदी क्षेत्र में नामांकन कराने जा रही बीडीसी महिला अनिता के साथ बदसलूकी भरा व्यवहार किया गया. महाभारत की तरह चीरहरण करते हुए उसकी साड़ी खोल दी गई. यह बेहद ही शर्मनाक घटना है ऐसी घटना को अंजाम देने वालों के पीछे वही चेहरे हैं जो मंच से महिला सुरक्षा की लंबी लंबी बातें करते हैं.! आज राजनीति में अपराधियों का दबदबा किस हद तक बढ़ गया है, यह इस घटना से साफ हो जाता है. इससे तो लग रहा है कि यूपी में अब कानून के शासन की जगह जंगलराज स्थापित हो गया है.! यह हाल तो पंचायत चुनाव में है. इससे यह भी पता चलता है कि सत्ता हथियानें के लिए हमारी भाजपा सरकार किस हद तक जा सकती हैं.! क्या इसी तरह से राजनीति में महिला सहभागिता बढ़ेगी.? देश विकास के शिखर पर तभी पहुंच सकता है, जब महिलाओं के साथ दुर्व्यव्हार की दिन-प्रतिदिन बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगेगा.. जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक शासन व्यवस्था पर सवाल उठता रहेगा।

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