विधायक विजय मिश्र के सियासी साम्राज्य को भदोही जनपद में मजबूती देकर हूंकार भरने वाली बेटी सीमा मिश्रा आखिरकार सपा में लौट पड़ी, जबकि उन्होनें सपा छोड़ने के बाद भाजपा की सदस्यता ग्रहण किया था लेकिन भदोही की इस बेटी को वो सम्मान नहीं मिला, जिसकी उन्हें अपेक्षा थी. इतना ही नहीं बल्कि कुछ महीनों पूर्व विधायक विजय मिश्र को सलाखों में चपेटनें के बाद सियासी प्रतिद्वंद्वियों ने रिश्तेदार को ही मोहरा बनाकर इस बेटी को भी मुकदमों में लपेटनें का प्रयास किया, फिर भी भाजपा के बड़े नेताओं ने मौनव्रत बनाए रखा. खैर..एक बार फिर से पूर्व में समाजवादी पार्टी के टिकट पर भदोही लोकसभा सीट से प्रत्याशी रहीं सीमा मिश्रा अब साईकिल पर सवार हो गईं. ऐसी चर्चा एक वायरल तस्वीर के साथ कल (शुक्रवार) की देर शाम से भदोही में सियासी हिलोर मॅचा रही है।
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी प्रदेश कार्यालय, लखनऊ में सीमा मिश्रा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की उपस्थिति में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण किया. जगजाहिर है कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के समय में ही विधायक विजय मिश्र का जहां पूर्वांचल की राजनीति में दबदबा कायम हुआ, वहीं पारिवारिक पैठ भी मजबूत हुई। बसपा सरकार ने जब राजनीतिक द्वैष भावना से विधायक विजय मिश्र को जब सलाखों में ठूस दिया था, उसी समय सत्ताधारी बसपा को धूल चटाने के लिए अपनी माँ रामलली के साथ क्षेत्रीय गांव-गलियों के साथ भदोही की यह बेटी द्वार-द्वार पहुंची थी. सीमा मिश्रा की हूंकार से ही जहां युवाओं ने जोरदार समर्थन करते हुए विजय मिश्र को जेल रहते ही फिर से ज्ञानपुर का विधायक बना दिया, वहीं भदोही के आसपास की सीटों पर ही नहीं बल्कि पूर्वांचल की अधिकांश सीटों पर भी इसका भूचाली असर रहा और बसपा की सरकार पलट गई थी. इसी के प्रतिफल लोकसभा चुनाव (2014) में समाजवादी पार्टी ने सीमा मिश्रा को भदोही सीट देकर सम्मानित किया था, हालांकि उक्त दौरान मोदी लहर में जहां भाजपा के वीरेंद्र सिंह (मस्त) चुनाव जीत गए थे, वहीं दूसरे स्थान पर दिग्गज नेता बसपा से डा. राकेशधर त्रिपाठी थे. सीमा ने तीसरे स्थान पर जोरदार वोट बटोरकर कब्जा जमाया था। खैर..सपा की बागडोर जब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संभाली तब 2017 के विधानसभा चुनाव में विधायक विजय मिश्र का टिकट काट दिया. इसी दौरान सीमा मिश्रा सहित अन्य ने सपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद पार्टी ने उनकी माँ (मीरजापुर- सोनभद्र एमएलसी) रामलली मिश्रा को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। शुक्रवार को एक बार फिर सीमा द्वारा समाजवादी पार्टी की सदस्यता लेने से सियासी हलचल भदोही जनपद में तेज हो गई है। फिलहाल मोदी लहर भेंदकर विधायक बनें विजय मिश्र जीत के बाद भले ही भाजपा सरकार का समर्थन करते रहे लेकिन अब कई महीनों से आगरा जेल में बंद हैं। जानकारों की मानें तो सीमा मिश्रा के सपा में शामिल होने से जिला पंचायत चुनाव का गणित डगमगा सकता है क्योंकि यहां जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी विधायक व उनके परिवार सहित करीबियों के लिए दो दशक पूर्व से आभूषण बन सजती रही है।


