पत्नी के वियोग में, कुएं में कूदा युवक, पुलिस और फायर ब्रिगेड से, यह कहकर हुआ बेहोश…

भदोही जनपद के औराई थाना क्षेत्र अंतर्गत उमरहा गांव निवासी एक 26 वर्षीय युवा बीती रात 9 बजे घने कोहरे में गाँव के समीप कुएं में कूद गया, जहां पानी ठंढ़ा था जिसकी वजह से वह कुंए में समरसेबल की पाईप को पकड़कर चिल्लाने लगा. जादा रात्रि न होने के कारण आवाज सुनाई पड़ने पर अगल-बगल के लोग कुएं की तरफ दौड़े तो देखा कि सन्तोष पाइप पकड़ कर जोर-जोर से चिल्ला रहा है…जब इसकी सूचना सन्तोष के घर वालों को हुई, तो वृद्ध मां जो खाना बना रही थी, रोते-बिलखते पति के साथ कुएं के पास पहुँची. फिर रोते हुए माँँ-बाप ने पूछा कि क्या कमी है जो कुएं में कूद गए, तो सन्तोष ने कहा कि मेरी पत्नी को लिअवा आयें नहीं तो मै जान दे दूँगा….

बताया जा रहा है कि गाँव के ही लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दिया तो कोतवाल श्रीकांत राय फायर बिग्रेड के साथ मौके पर पहुँच गये। संतोष से वजह जाननी चाही तो….वह कहने लगा कि मेरी पत्नी और बच्चों को बुलाये नही तो मैं पाइप छोड़ दूँगा. एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक रस्सी भी नही पकड़ रहा था. चारपाई से फायर बिग्रेड के लोग अंदर जाने लगे तो पाइप को बिना छोड़े पानी मे चला गया, जिससे लोग घबराने लगे. खैर..किसी तरह कोतवाल श्रीकांत रॉय ने समझाया कि आप निकलो तो बात करते हैं, तो उसने कहा कि भगवान राम के बियोग में राजा दशरथ ने अपने प्राण छोड़कर चले गए, तो हम भी अपने बच्चों के लिये आज तीन साल से बियोग में जी रहा हूँ….सर जी आप बताये की हम कैसे रह रहे हैं….. इतना कह कर संतोष बेहोश हो गया. तभी तत्परता दिखाते हुए फायर ब्रिगेड प्रभारी व स्टाफ राजेश तिवारी, सुशील चारपाई लेकर कुएं के अंदर गये और बेहोश हुए सन्तोष को बाहर निकाला गया और अलाव जलाकर होश में लाया गया। कुछ देर के बाद औराई पुलिस अपने साथ संतोष को थाने ले गई. वही कोतवाल का कहना है कि वह कह रहा है कि ‘हमें घर नही जाना है या तो हमे अनारकली की तरह दीवार में चुनवा दें या जेल भेज दें. बीरू की तरह जेल में रहकर जुदाई झेल लूंगा.. नही तो एक बार मेरी पत्नी रेशमी से मिलवा दें, माफी मांगने पर वह आ जायेगी..आप हमारी मदद करे सरजी.’ फिलहाल कोतवाल द्वारा दोनों पक्षों को बुलाकर बात करने की भी बात कही जा रही है।

Leave a Reply

Discover more from सशक्त समाज न्यूज़

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading