जनपद में नशे का धंधा जिस तेजी से पनपता जा रहा है वह वाकई में गंभीर चिंता पैदा करता है! इसका सबसे ज्यादा शिकार जिले की नौजवान पीढ़ी हो रही है! हमारा जनपद मे किस तरह से नशे के सौदागरों के जाल में फंस चुका है यह सब जगजाहिर है। इसी तरह जिले में शायद ही कोई ऐसा बाजार नहीं होगा जहां गाजा व अवैध शराब की भट्ठियां न चलती हों! आए दिन इन अवैध नशे तथा अधिकतम शराब का सेवन करने व अवैध शराब से लोगों के मरने की खबरें दिल को दहला देती हैं! हैरानी की बात तो यह है कि सब जगह अवैध नशे का धंधा प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे ना चलता हो! बल्कि अगर प्रशासन व पुलिस सख्ती बरते तो यह अवैध कारोबार बंद हो जाएंगे! लेकिन पुलिस प्रशासन मात्र छोटी मछली को पकड़कर इतिश्री कर लेती है! लेकिन जब कोई इस अवैध कारोबार के कारण बड़ा कांड हो जाता है तो कार्रवाई के नाम पर कुछ लोगों को उठाकर जेल भेज दिया जाता हैं या छोड़ दिया जाता है! इसी तरह अवैध शराब,गांजा और अन्य नशीले पदार्थों को धंधा बदस्तूर जारी रहता हैं! सवाल है कि लोगों की जिंदगी के साथ ऐसा खिलवाड़ कब तक होता रहेगा.? कब तक लोग अवैध शराब व अन्य नशीले पदार्थों से मरते रहेंगे और हमारी नौजवान पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जकड़ी रहेगी! नशे के कारोबारियों से निपटने के लिए जरूरी है कि इनकी जड़ तक पहुंचा जाए और खात्मा किया जाए।भले इसके लिए कितने सख्त कानून ओर क्यों न बनाने पड़ें।



