माँ विंध्यवासिनी धाम (विंध्याचल) से कई सर्वश्रेष्ठ पौराणिक कथाएं जुड़ी हैं लेकिन यहां कुछ ‘सियासी पंंडा’ कलयुगी कथाओं को रचने में भी पीछे नहीं रहे हैं. कुछ ऐसी ही स्थिति सोमवार को उत्पन्न हो गई, जब ‘सशक्त समाज न्यूज’ के ‘सरस्वती साधक’ कलमकारों ने ‘धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी व उसकी उपयोगिता’ पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की. अचानक माँ विंध्यवासिनी को चढ़ी नोटों की गड्डियां.. उड़ाने वाले कलयुगी किरदारों पर फिर से चर्चा तेज हो गई…✍️
जगजाहिर है कि ‘सशक्त समाज न्यूज’ नेटवर्क से राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया में कार्यरत कुछ वरिष्ठ पत्रकार व लेखक जुड़े हैं, जोकि विभिन्न रहस्यमयी व आंतरिक तथ्यों पर प्रकाशन सामग्री मुहैया करवाते रहते हैं. सोमवार को ‘सरस्वती साधक’ कलमकारों ने धार्मिक स्थलों पर ‘सीसीटीवी व उसकी उपयोगिता’ पर विंध्यवासिनी धाम से जुड़ी एक पड़ताली रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसके बाद ‘माँ की महिमा’ से जुड़े कई तथ्यों को दरकिनार करके पाठकगणों ने 2016 में ‘नोटों की गड्डियां उड़ाने वाली’ कलयुगी कथा में आरोपित रहे किरदारों की चर्चा तेज कर दी. इस संदर्भ में सोशल मीडिया पर जहां तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं, वहीं कुछ पाठकगणों ने ‘सशक्त समाज न्यूज’ से व शासनिक-प्रशासनिक अधिकारियों से विभिन्न सवाल भी पूछने शुरू कर दिए तो, कुछ आरोप भी लगाए।
एक ट्वीटर यूजर ने तो वर्तमान में चर्चित बाहुबली विधायक से जुड़े मामलों में विपक्ष किरदार को भी ‘सीसीटीवी व उसकी उपयोगिता’ में जुड़ी कलयुगी कथा के किरदार में से तलाशते हुए पूछा कि…
इस पर REPLY मिला है कि👆🏻इस संदर्भ में ‘सशक्त समाज न्यूज’ के पास जानकारी उपलब्ध नहीं है बल्कि हमारा उद्देश्य ‘सीसीटीवी और उसकी उपयोगिता’ धार्मिक स्थलों को लेकर कवरेज किया गया है, आपको @mirzapurpolice @adgzonevaranasi @Uppolice बेहतर जानकारी दे सकती है और उक्त जानकारी हमें भी अपेक्षित है.
फिलहाल ‘काशी-प्रयाग मध्य’ बसे मिर्जापुर के माँ विंध्यवासिनी धाम के पंडा-पुजारियों व कुछ भक्तगणों की अभिरूचि देखते हुए कई प्रतिष्ठित मीडिया सहित ‘सशक्त समाज न्यूज’ के मिर्जापुर-भदोही पत्रकारों की टीम इससे जुड़े तथ्यों को खंगालने में जुटी है, जिस पर सशक्त तथ्यों के साथ शासनिक-प्रशासनिक पुष्टि प्राप्त पड़ताली रिपोर्ट आगामी दिनों में पाठकगणों के समक्ष होगी।