भदोही जनपद में इन दिनों इस शासन और प्रशासन के लोग जहां कोरोना से बचने और संक्रमण को रोकने लिए प्रयासरत हैं, वहीं जिले में जमीनी विवाद के मामले भी काफी संख्या में सामने आ रहे हैं। ऐसे ही एक पीड़ित डीएम भदोही को न्याय पाने के लिए पत्र लिखा है, जिसमें दावा किया है कि ‘विपक्षी कहते हैं कि हमनें राजस्व अधिकारियों को खरीद लिया है….’
गौरतलब है कि भदोही जिले के कंसरायपुर में भी जमीनी विवाद मामला सुर्खियों में है, जहां पर एक व्यक्ति ने जिलधिकारी को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई है. अपने पट्टीदारों द्वारा उसकी हड़पी पुश्तैनी जमीन को खाली कराने की मांग की है. कंसरायपुर निवासी कैलाशनाथ दूबे ने जिलाधिकारी को सौपे ज्ञापन में आरोप लगाया है कि अभी पुश्तैनी जमीन का बंटवारा नही हुआ है, फिर विपक्षी लोगों ने जबरदस्ती कब्जा कर लिया है, मना करने पर मारने-पीटने और बंटवारा का नाम न लेने की बात कहते है।
आगे पत्र में बताया है कि हम लोगों ने पक्की पैमाइस के लिए तहसील में आवेदन किया लेकिन विपक्षी लोग मानने को तैयार नही है. विपक्षी लोग धमकी देते है कि कुछ भी कर लो…कुछ नही होगा। क्योकि वे राजस्व के अधिकारियों और कर्मचारियों को खरीद लेने की बात करते हैं. विपक्षी लोग जान से मारने से धमकी भी देते है. अंतत: पीडि़त ने जिलाधिकारी से न्याय पानें के लिए गुहार में सवाल भी पूछा है कि विपक्षी से जमीन बचाये या अपनी जान..?
फिलहाल देखना यह है कि पीडि़त कैलाशनाथ, उदयनाथ दूबे, अखिलेश और सुनील दुबे के इस पत्र के बाद भी जिलाधिकारी दरबार न्याय कब मिलता है।




