अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पूजन के दिन भदोही जिले में भी काफी उत्साह देखा गया, विभिन्न स्थानों पर जगह-जगह पर पूजा-पाठ, सुन्दरकांड पाठ समेत धार्मिक कार्यक्रम का आयोजित हुए। इसी दौरान सुप्रसिद्ध कथावाचक डा. रामानंद महराज द्वारा भी धार्मिक आयोजन सफलता पूर्वक संपन्न किया गया।
गौरतलब है कि काशी-प्रयाग मध्य के अकोढ़ा-रोही गांव में स्थित ‘भागवत कल्प तरु धाम’ के तत्वावधान में चल रहे श्रावण मास पर्यन्त पार्थिवार्चन अभिषेक की पूर्णाहुति सम्पन्नता ५ अगस्त को होनी थी, साथ में संयोगवश यह ऐतिहासिक क्षण मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम मंदिर के भूमिपूजन का आयोजन भी तय हो गया। इस उपलक्ष्य में डा. रामानंद महराज के नेतृत्व में विशिष्ट पूजन उपरांत मध्याह्न काल में सुंदरकाण्ड पाठ व लडडू प्रसाद वितरण के साथ सायंकाल महाप्रसाद भण्डारा संपन्न करवाया गया। श्रावण संपन्नों उपरांत बुधवार को पूजन से उठे कथावाचक डा. रामानंद महराज ने कहा कि सनातन संस्कृति को नष्ट करने वाले आततायियों ने हमारे ऊपर कई वर्षो तक शासन किया. उन्होनें बहुत सी हमारी विरासत को छीन रखा है। राम मंदिर के अलावा बहुत से मुद्दे है जिनको सुलझाना बाकी है। कहा कि आततातियों ने नालन्दा विश्वविद्यालय को फूंककर नष्ट कर दिया, जिसके साथ में उन्होने धार्मिक स्थलों के नामों का परिवर्तन भी करके संस्कृति को भ्रष्ट किया। सनातन संस्कृति व धरोहरों को पुन: परिवर्तन में लाना जरूरी है। देश में अभी कई मुद्दे है जिन पर कार्य होना बाकी है। आगे इन बिंदुओं पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि हिन्दू हमेशा से उदार रहा हैै, वह कभी किसी का अहित नहीं चाहता है लेकिन उदारवादिता के साथ-साथ तटस्थता भी जरूरी है। हिन्दू कभी भी किसी के लिए घातक नही रहा है। यदि किसी ने घात किया तो सिर्फ हिन्दू धर्म पर ही घात किया, जिसके बाद भी हिन्दू विश्व शान्ति और एकता का पक्षधर है। वह कभी किसी का अहित नही चाहता है। अंततः स्पष्ट किया कि कुछ लोग है जो पाश्चात्य और वामपंथी विचारधारा से प्रभावित हैं, जिनकी वजह से कुछ समस्या आ रही है लेकिन एक दिन ऐसा आयेगा कि केवल भारत ही नही बल्कि पूरा विश्व भगवा रंग में रंग जायेगा।



