जब ‘सैंया’ ही हैं ‘कोतवाल’ तो, फिर ‘कार्रवाई’ काहे का.!

फतेहपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में अंग्रेजी शराब के सौदागरों ने जमकर कोरोना संकट में सत्ता-शासन का मखौल उड़ाया. भले ही लाॅकडाऊन के तहत शराब के अड्डे बंद रहे लेकिन ढ़ाबा व होटल से पार्सल खूब बिका। इस संदर्भ से सुर्खियों में आये सिपाही के बचाव में आखिरकार थानाध्यक्ष खुद उतर चुके हैं, जिसके बाद क्षेत्र में कहावतरूपी नई गुनगुनाह सुनाई पड़ी रही है कि ‘जब ‘सैंया’ ही हैं ‘कोतवाल’ तो, फिर ‘कार्रवाई’ काहे का….

गौरतलब है कि फतेहपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत होटल-ढ़ाबे वालों से स्थानीय पुलिसकर्मियों के आंतरिक संबधों की दास्तां से शायद ही कोई क्षेत्रीय वाकिफ ना हो. ‘सशक्त समाज न्यूज’ के खबर-खुलासे से चर्चा में आये सिपाही सुरेश यादव के बचाव में स्वयं थानाध्यक्ष उतर आए हैं. बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष ने अधीनस्थ सिपाही का बचाव करते हुए चौडगरा चौकी क्षेत्र से हटाकर उनकी ड्यूटी थाना में लगा दिया है. लाॅकडाऊन में अंग्रेजी शराब की जमकर हो रही बिक्री के मामले में कल्याणपुर थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने ‘सशक्त समाज न्यूज’ से बातचीत में 3 सदस्यीय जांच टीम बैठानें व खुद छापेमारी करके शिकंजा कसने के दावे किये थे. खुद की सक्रियता व ईमानदारी का गुणगान भी किया था लेकिन कार्रवाई के नाम पर ‘ढ़ाक के तीन पात’ वाली स्थिति नजर आ रही है। सिपाही सुरेश को चौडगरा चौकी क्षेत्र से हटाकर मामला ठंडे बस्तें में डालने का प्रयास भी करीबन थानाध्यक्ष का फेल नजर आ रहा है क्योंकि अंग्रेजी शराब की अवैध बिक्री तो चालू है।
सुचना पर भी छापेमारी मौन क्षेत्रवासियों से शराब की अवैध बिक्री पर सुचना देने की अपील करने वाले थानाध्यक्ष विनोद कुमार की पोल एक स्थानीय पत्रकार (……) ने रियाल्टी चेक में खोल दी है. उक्त पत्रकार का दावा है कि थानाध्यक्ष की त्वरित छापेमारी करने वाली प्रतिक्रिया पढ़ने के बाद उसने ओम ढाबा से अंग्रेजी शराब खरीदी और बाकायदा उन्हें लोकेशन सहित पूरी जानकारी दी लेकिन घंटों खड़े रहकर दूर से देखता रहा लेकिन पुलिस टीम छापेमारी पर नहीं पहुंची.
मौन थे या गुमराह – इससे पहले भी चौडगरा चौकी क्षेत्र में डियुटी पर रहते थानाध्यक्ष द्वारा की गई एक छापेमारी के दौरान सिपाही सुरेश यादव ने सुचना के विपरित दूसरे जगह छापा डलवा दिया था. स्थानीय सुत्रों के मुताबिक वहां पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा और जहां अंग्रेजी शराब की बोतले थीं, वहां का माल तुरंत हटा दिया गया था. खैर..अब भी सिपाही की ड्यूटी तो थाना क्षेत्र में हैं लेकिन अंग्रेजी शराब बिक्री पर शिकंजा नहीं है। इससे स्पष्ट आकलन है कि सिपाही सुरेश यादव सिर्फ मोहरा है और इसके पीछे कल्याणपुर थाने से जुड़े किसी सिताराधारी पुलिसकर्मी का आशीष है। फिर यह गुनगनाहट भी आनंदमयी ही है कि ‘जब ‘सैंया’ ही हैं ‘कोतवाल’ तो, फिर ‘कार्रवाई’ काहे का.!

संबंधित खबर सिपाही के इशारे पर बिक रही ढ़ाबे पर शराब, थाना प्रभारी खाक छांन रहे गांव-गांव

खबर या प्रतिक्रिया ‘सशक्त समाज न्यूज’ नेटवर्क पर sashaktsamaaj@gmail.com के माध्यमश्रोत EMAIL भेजिये, हिंदी में होने पर सशब्द प्रकाशित करने हेतु हम प्रयासरत हैं….

http://www.sashaktsamaajnews.com/2020/04/28/bjp-district-youth-president-was-involved-in-wine-smuggling-share/

Leave a Reply

Discover more from सशक्त समाज न्यूज़

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading