भदोही जनपद में मुंबई-दिल्ली सहित विभिन्न शहरों से परदेशी पहुंचने लगे हैं, जिसके बाद किसी गांव में हड़कंप मचा है तो, किसी गांव संक्रमण से बचने की योजना बन रही है। फिर भी कोरोना संकट में अभी पूर्ण जागरूकता शायद ही किसी गांव में हो। ऐसे ही एक गांव में पहले प्राइमरी में हाल्ट कीजिये, फिर घर पर जाइये का फतवा जारी हो गया है।
गौरतलब है कि भदोही जनपद के तहसील ज्ञानपुर अंतर्गत बार्डर पर बसे अकोढ़ा में प्रतिष्ठित ब्राह्मण परदेशियों के साथ मिलकर बूथ अध्यक्ष रहे धर्मेन्द्र त्रिपाठी ने लाखों रूपये से धार्मिक स्थलों के जिर्णोद्धार व सामाजिक कार्य किया है। वर्तमान में धर्मेन्द्र त्रिपाठी पाली मंडल के महामंत्री हैं, जिसके बाद उनकी नजर कोरोना संकट के दौरान विभिन्न गांवों पर है। पुश्तैनी गांव अकोढ़ा निवासी बतौर उन्होंने ‘सशक्त समाज न्यूज’ से बातचीत में बताया कि कुछ अशिक्षित या मजदूर वर्गीय को छोड़कर बाकी में यहां विशेष जागरूकता है। हमारे गांव के अधिकांशतः पुश्तैनी परदेशी हैं, जो स्वयं व्हाटसअप ग्रुप के माध्यम से शहरों में बैठकर भी गांव में संक्रमण ना फैले उसके लिये उपाय सुझा रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि कुछ मजदूर वर्गीय परदेशी सड़क के रास्ते गांव तक पहुंचे हैं, जिनका शासनिक टीम बुलाकर जांच करवा दिया गया है। फिलहाल अन्य परदेशी भी मुंबई-दिल्ली जैसे शहरों से कोरोना संक्रमण व विभिन्न समस्याओं से निजात पाने हेतु गांव आने की तैयारी में हैं, यहां परदेशियों की संख्या 50 प्रतिशत से भी ज्यादा है।
प्राइमरी का फतवा– धर्मेन्द्र त्रिपाठी ने परदेशियों फतवा के संदर्भ में खंडन करते हुये कहि कि फतवा वगैरह नहीं बल्कि ग्रामवासियों व शहर वासियों ने आपसी सहमति से निर्णय लिया है कि परदेशी पहले प्राईमरी स्कूल पर पहुंचे, जहां यदि जांच नहीं हुई है तो शासनिक स्वास्थ्य टीम को सुचना देकर करवाया जायेगा। इसके बाद यदि परिवार सहित हैं तो अपनें घर में जाकर होम क्वारटींन का पालन करें। गांव के घर में परिवार है और शहर से अकेले आये हैं तो जांच रिपोर्ट आने तक या पूर्ण व्यवस्था उपलब्ध 14 दिन स्कूल में ही क्वारटींन रहें ताकि आपका परिवार व गांव संक्रमण से बचकर खुशहाल रहे।
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धर्मेन्द्र तिवारी जी हमेशा गाँव समाज के मदद सहयोग हेतु तत्पर रहते हैं.
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