कोरोना संकट में लॉकडाउन के चलते महाराष्ट्र अंतर्गत थाना जिला में मिरा-भाईंदर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया के दिहाड़ी मजदूरों का जीवन दूभर हो चला। फिर भी जीवन की धारा को टूटने से बचानें के लिये यहां जीवनधारा संघ नामक संस्था द्वारा अथक प्रयास जारी है। भले ही यह पर्याप्त नहीं लेकिन गरीब व जरूरतमंदों के लिये किसी संजीवनी से कम भी नही।
गौरतलब है कि भाईंदर में इंडस्ट्रियल एरिया होने की वजह से मजदूरों की संख्या ज्यादा है. कोरोना महामारी की वजह से बंद कंपनियों के चलते भूखमरी का संकट समक्ष था। ऐसी स्थिति में जीवनधारा संघ संस्था द्वारा निशुल्क रेडी भोजन व्यवस्था की मुहिम छेड़ी गई, जोकि निरंतर जारी है। जीवनधारा संघ की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक विगत् 33 दिन से लगातार 2 हजार लोगों को सुबह-शाम भोजन की व्यवस्था बिरजू चौधरी उनके सहयोगी और जीवनधारा संघ द्वारा की जा रही है। इस मुहिम से दहिसर, मिरारोड, भाईंदर पश्चिम नायंगाव, वसई व अन्य जगहों पर 1हजार लोगों के लिये पार्सल भी भेजा रहा है। जीवनधारा संघ की टीम जहां घर-घर तक भोजन पहुंचा रही है, वहीं बिरजू चौधरी और उनकी टीम का कहना है कि “लाॅकडाऊन खुलने तक भोजन वितरण मुहिम जारी रहेगी। जीवनधारा संघ ज्यादातर गरीब व मजदूरों के लिए काम करता है। इसलिए 5 हजार लोगों के लिए 1 मई कामगार दिवस पर भोजन की व्यवस्था और 500 लोगो को राशन वितरण भी भाईंदर (पूर्व) एशियन मोटर शोरूम के पास जीवनधारा संघ कार्यालय से किया गया। सिर्फ जनमानस से हाथ जोड़कर विनंती है कि ऐसे संकट के समय अपने घर में सुरक्षित रहकर सहयोग जारी रखें। हमारा संकल्प है इस संकट की घड़ी में कोई भी भूखा नहीं सोयेगा. भले ही यह पर्याप्त ना हो लेकिन जीवनधारा संघ की यह जनसेवा मुहिम संजीवनी से कम भी नहीं है। कोरोना संकट में कई संस्थायें विभिन्न क्षेत्रों यूं ही संजीवनी फूंक रही हैं, जिससे बूंद-बूंद से ही संकटकाल के खिलाफ जंग जारी है।” जीवनधारा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद पान्डेय, राष्ट्रीय सचिव बीरजू चौधरी, उनके सहयोगी समाजसेवक अखिलेश उपाध्याय, समाजसेवक सुबोध मिश्रा, पत्रकार विनोद मिश्रा, अरूण गुप्ता, पियुस सिंह, पवन ठाकुर, महेश सिंह व नितिन ने जीवनधारा संघ टीम के सभी सहयोगियों का तहेदिल से आभार व्यक्त किया।



