उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी भूचाल लाने वाली ‘कुर्कम कथा’ में नया मोड़ मंगलवार को सामने आया, जहां ढ़ाई महीनें से सलाखों में बैठे भाजपा विधायक के दुष्कर्म आरोपी भतिजे की जमानत याचिका निरस्त हो गई।
मिडिया रिपोर्टस के मुताबिक वाराणसी की एक महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार भदोही भाजपा विधायक के भतीजे संदीप तिवारी को कोर्ट से राहत नहीं मिली। मंगलवार को सेशन कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी। न्यायाधीश रामकरन यादव ने सुनवाई करते हुए याचिका निरस्त कर दी। इससे राहत की उम्मीद को झटका लगा। वाराणसी की एक महिला ने भाजपा विधायक समेत कुनबे के सात लोगों के खिलाफ फरवरी 2020 में सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना में संदीप को छोड़कर अन्य छह लोगों को जांच में दुष्कर्म का अपराधी नहीं पाया था। इससे सभी को क्लीन चिट मिल गई थी। संदीप को जेल भेज दिया गया था। इसके साथ ही विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी के एक बेटे नीतेश, जिसे एफआईआर में नामित किया गया था, उस पर छेड़छाड़ करने और महिला के लिए अभद्र भाषा प्रयोग करने का मामला दर्ज किया गया था।

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गलत कर्म का नतीजा ,भी गलत ही होता है.