उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी के मध्यस्थ सदैव सुर्खियों में रहने वाले कोटेदार इन दिनों बमचख के केंद्र में विराजमान हैं। जहां धांधलीबाज कोटेदार दरखासीलालों को मैनेज करके बैठे हैं, वहीं कुछ कर्मठ-गरीब कोटेदारों का कोटा छीनने हेतु ब्लैकमेलिंग का कारोबार जमकर फल-फूल रहा है। ऐसी खबरें जहां स्थानीय मीडिया में कुछ दिनों से सुर्खियां बन रही थी, वहीं इसका प्रत्यक्ष प्रमाण भी अब सामने आ चुका है। ऐसा सनसनीखेज आरोप-खुलासा के साथ जांच व न्याय मांग रहे विधायक का पत्र ‘सशक्त समाज न्यूज’ के हाथ लगा है।
गौरतलब है कि भदोही जनपद में इन दिनों कोरोना की महामारी के दौरान राशनिंग सामग्री वितरण में शासनिक-प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका संदेहात्मक है। बताया जा रहा है कि जिनके ऊपर मानवता बतौर गरीबों व कोटेदारों में समन्वय बनाकर न्यायपूर्ण राशन वितरण करवाने की जिम्मेदारी है, वही सहयोग के बजाय शिकायतों की साजिश का चक्रव्यूह रचवा रहे हैं। कहीं ग्राम प्रधान तो, कहीं अधिकारी सुपारीबाज बने हैं। ऐसा सनसनीखेज खुलासा ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्रा के भी एक पत्र से जगजाहिर है, हालाकि इस पत्र के संदर्भ में संपर्क नहीं हो सका। ध्यान देने योग्य है कि ग्राम प्रधान से ज्यादा कोई मलाईदार कार्य पहले रहा है तो, वह है कोटेदारी का। फिलहाल आनलाईन व्यवस्था में दोनों भ्रष्टाचार या साजिशों के केंद्र में है। कोरोना की महामारी में इन दिनों कोटेदारों की तगड़ी फजीहत हो रही है, जिसमें कुछ गरीब व कर्मठ कोटेदार भी सुपारीबाजों के निशाने पर हैं। ऐसा नहीं है कि सब कोटेदार फर्जीवाड़ा कर रहे हैं लेकिन कुछ संबंधित अधिकारी व ग्राम प्रधान कोरोना महामारी में भी अपना हिस्सा तलाश रहे हैं। कुछ ग्राम प्रधान अपना कार्यकाल खतम होते देख कोटे के कारोबार पर गिद्ध नजर गड़ाकर बैठे हैं। बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार में जिन ग्राम प्रधानों की लुग्गी गीली हो चुकी है, उनके परिवार व गांव वाले ही अक्टूबर-नवंबर में उन्हें चुनावी मैदान में नजर नहीं आने की हिदायत दे चुके हैं।

कोटा छीनैती योजना – भदोही जनपद में कई ग्राम प्रधान प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से शिकायत करवाकर कोटा छीनैती योजना शुरू कर चुके हैं। इस योजना में कुछ संबंधित अधिकारी लाखों की सुपारीबाजी करते हुये साजिशन शिकायत को आधार बनाकर वर्तमान कोटेदारों का कोटा निरस्त करके ग्राम प्रधान के परिवार व करीबीयों को कोटा तोहफा देने हेेतु प्रयासरत हैं। फिलहाल ग्राम प्रधानों का भी दांव अच्छा है कि भले ही आगामी कार्यकाल में ग्रामवासियों द्वारा वे प्रधान बतौर खदेड़ दिये जाय लेकिन कोटा रहेगा तो उसी में भ्रष्टाचार करके खद्दरधारी हूक्का-पानी चलता रहेगा…।



