सावधान ‘परदेशी’…महंगी पड़ सकती है यात्रा, रेलवे ले रही है online बुकिंग…

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देश में सरकार ने 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया है। पहले यह खबर आई थी कि रेलवे ने लॉकडाउन अवधि के बाद के लिए आरक्षण शुरू कर दिया है। लेकिन रेल मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया कि 14 अप्रैल के बाद की यात्रा के लिए आरक्षण कभी नहीं रोका गया था और यह किसी नई घोषणा से संबंधित नहीं है।

गौरतलब है कि पहले लोग अनुमान लगा रहे थे कि लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ सकती है। जिस पर कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने कहा था कि 21 दिनों की लॉकडाउन अवधि को बढ़ाने की सरकार की कोई योजना नहीं है। उन्होंने इसे लेकर आ रही रिपोर्ट्स पर हैरानी जताई। इसके बाद ये खबर आई थी कि भारतीय रेलवे ने 14 अप्रैल के बाद के लिए टिकट बुकिंग शुरू कर दी है। जबकि 15 अप्रैल से यात्रा के लिए टिकट की बुकिंग कभी रोकी ही नहीं गई थी। रेल मंत्रालय ने गुरुवार को यह स्पष्ट किया है।

ऑनलाइन बुकिंग – आईआरसीटीसी की एप और वेबसाइट पर 15 अप्रैल से यात्रा के लिए टिकट उपलब्ध हैं। अभी स्टेशनों पर टिकट की बुकिंग नहीं होगी। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुक करनी चाहिए।

मालूम हो कि भारत का रेल नेटवर्क दुनिया का सबसे लंबा रेल नेटवर्क है। सरकारी ट्रस्ट इंडिया ब्रैंड इक्विटी फाउंडेशन की वेबसाइट के अनुसार, 13,452 यात्री ट्रेन के जरिए करीब 2.3 करोड़ लोग 1,23,236 किलोमीटर के दायरे में प्रतिदिन यात्रा करते हैं। रेल को भारत की लाइफ लाइन कहा जाता है। लॉकडाउन के चलते देश में रेलवे को बंद किया गया है। लेकिन स्थिति जल्द की समान्य हो जाएंगी।

खतरें में पड़ सकती है जान – इधर स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विशेषज्ञों की मानें तो आगामी कुछ महीनों तक रेलवे से यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है। इससे जिंदगी सांसत में पड़ सकती है। मुख्यतः मुंबई-दिल्ली में ‘लाॅकडाऊन’ दौरान घर के अंदर कैद परदेशियों के स्वास्थ्य की जांच नहीं हुई है। यदि हजाारों लोगों के बीच से परदेशी अपने गांव-समाज पहुंचते हैं या कोरोना जैसी महामारी से संक्रमित होने के बाद भी उनकी शारीरिक कोशिका लड़ रही है तो संक्रमण पुन: पनप सकता है।

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