भदोही जनपद के कोइरौना थाना क्षेत्र अंतर्गत कलिंजरा गोपालापुर निवासी और नमामि गंगे के जिला संयोजक मातास्वरूप शुक्ल के ज्येष्ठ भ्राता दशरथ देव नारायण शुक्ल का कल सुबह तड़के ही परलोक प्रस्थान हुआ। श्री शुक्ल पिछले 3-4 महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। एक सफल मुखिया और कुशल अर्थशास्त्री थे। इन्होंने कर्मभूमि महाराष्ट्र के कल्याण जिला में सन 1987 से 2010 तक भाजपा के कई अहम पदों पर रहकर सेवाभावी कार्य किया, जहां भाजपा व संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। बताया जाता है कि श्री शुक्ल की संस्कृति में विशेष अभिरुचि थी और सदैव पठन-पाठन में तल्लीन रहते थे। इनके देहावसान से क्षेत्र में शोक व्याप्त है। क्षेत्र के तमाम अग्रणी शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
हे सत्य मूर्ति, हे धर्मपरायण, कहां गये तुम बतलाओ।
गीता के हो सार प्रभु, अब कर्म राह तो दिखलाओ।
अब कर्म राह तो दिखलाओ, हम किसकी अंगुली थामें।
चहुंओर अंधेरा आज हुआ, अब कैसे तुमको पहचानें।
हम सब की भुजा के ताकत, तुम पर नाज़ हमारा था।
तुम्हरे दर्शन मात्र से लगता, सारा जग ये हमारा था।
सारा जग ये हमारा था, अब छांह कहां से पाऊं।
धरती आज उजाड़ हुई है, वट वृक्ष कहां से यह लाऊं।
सुत वियोग में राजा दशरथ, त्रेता युग में स्वर्ग गए।
कलयुग में राजा दशरथ भी, भ्राता दर्शन को तरस गए।
संदेश कई दर्शन को भेजे, लॉक डॉउन ने मना किया।
अंतोगत्वा बिन देखे ही, राजा दशरथ ने प्रस्थान किया।
आशीष आपका हम सब पर, सदैव बनाए रखना।
कभी ना छूटे राह आप की, ज्ञान बनाए रखना।
जिन पथ पर हैं चले आप, वो पथ ना हमसे छूटे।
नश्वर जग से गए आप हैं, पर दिल ना हमसे टूटे।
पर दिल ना हमसे टूटे, पर दिल ना हमसे टूटे।



