भदोही जनपद के गोपीगंज क्षेत्र में चोरी की घटनाएं बढ़ने लगी है, जिसके के पीछे कही न कही स्थानीय लोगों की लापरवाही भी जिम्मेदार है। चोर बेखौफ होकर चोरी की घटना को अंजाम देते है, लोग पुलिस को शिकायत करते है लेकिन पुलिस भी एक दो बार के बाद जैसे उस मामले को भूल जाती है। कुछ मामले में तो लोग पुलिस को सूचित भी नही करते है। जिससे चोरों के हौसलों में पंख लग जाता है। फिलहाल बेरासपुर गांव में स्थित बेरासनाथ शिव मंदिर में बीती रात चोरों ने लगा एक त्रिशुल और हनुमान मंदिर में लगा घंटा पर हाथ साफ कर लिया।
गौरतलब है कि जब सुबह मंदिर के पुजारी श्यामधर मिश्र पूजा करने गये तो त्रिशुल और घंटा गायब देखकर आवाक रह गये। इस घटना को लेकर स्थानीय लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। मालूम हो कि बेरासनाथ मंदिर पर गांव के कुछ लोग जहां गंजेड़ियों के साथ देखे जाते है, वहीं अन्य लोग विवाद की वजह से नही बोलते है। इससे भी ज्यादा भीड़ बिहरोजपुर के बडे़वीर मंदिर पर दिखती है, जहां पर अक्सर गांजा पीने वाले बैठे देखे जा सकते है। खासकर मंगलवार को यहां अधिक भीड़ रहती है। क्षेत्र में चर्चा है कि चोरी की घटनाओं में स्थानीय लोगों का हाथ जरूर हैं। जब तक स्थानीय लोग इन गांजा और शराब पीने वालों की अड्डाबाजी कम नही करेंगे, तब तक ऐसे ही चोरी की घटनाओं से दो चार होना पडे़गा।
गजेड़ी-शराबी भी भक्त – शास्त मर्मज्ञ डा. बालकृष्ण मिश्र भी मानते हैं कि गजेड़ी-शराबी भी शिवजी के तगड़े भक्त होते हैं, जिनकी भक्ति या मजबूरी देखकर उनके कृत्यों पर क्रोधित होनें के बजाय शिवजी आनंदित होते हैं। स्पष्ट है कि चोर भक्त सबसे ज्यादा मंदिर के आसपास धूनी रमाते हैं और ऐसे में उनकी मनोकामना भी पूर्ति हो जाती है।



