कुकर्म कथा (03) – भदोही विधायक बोले बहन-बेटियों के न्याय की खातिर, सपरिवार फंदे के तख्त तक हूँ तैयार…

भदोही जनपद में मंगलवार को दिनभर सियासी और प्रशासनिक एक्शन-रीएक्शन दुष्कर्म आरोप मामले में जारी रहा है। जहां एक ओर मीडिया व समर्थकों शुभचिंतकों की घंटिया भदोही विधायक रविन्द्र नाथ त्रिपाठी के मोबाइल पर बजती रही, वही विधायक ने पुन: मजबूती से अपना ही नहीं बल्कि पूरे का पक्ष रखा। भदोही विधायक रविन्द्र नाथ त्रिपाठी ने यहां तक दावा ठोक दिया कि इस घटना क्रम में उनके परिवार के किसी सदस्य का संबध नहीं है। यदि प्रथम दृष्टया में भी किसी पर आरोप सिद्ध तो फांसी के फंदे तक चलने को तैयार हूँ क्योंकि बहन-बेटियों के प्रति सदैव हम स्वयं न्याय दिलवानें हेतु समर्पित हैं।

गौरतलब है कि स्थानीय WEB न्यूज पर जहां पीड़िता से बातचीत के वायरल काॅल रिकार्डिंग को दोपहर में फर्जी ‘इलेक्ट्रॉनिक मेकर’ बताया, वहीं शाम को राष्ट्रीय मीडिया चैनलों की उपस्थिति में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रिकार्डिंग के संदर्भ में पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने पर स्पष्ट किया कि ‘जनप्रतिनीधि होने के नाते दिनभर में करीबन २०० काॅल आते हैं और मैं महिलाओं को बहन-बेटी कहकर संबोधित करता हूँ लेकिन ऐसी किसी घटना का संज्ञान जानकारी में नहीं है। दोनों बार समानता में हालांकि यह रही कि ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्रा पर उन्होंने साजिश करने का आरोप लगाकर जोरदार सियाही हमला किया और कहा कि अवैध खनन (बालू) का मामला उठाया था इसलिये हमारे साथ ऐसा करवा रहे हैं।

मुस्कुरा उठे विधायक – भदोही विधायक से जब उनके उपर ग्लोरी होटल वाले लगे आरोप पत्रकारों ने पूछा तो अचाान कमुस्कुरा उठे और बोले कि पहली बात तो चुनाव में हजारों समर्थक साथ में रहते हैं और प्रचार से फूरसत ही नहीं रहती और यदि चुनावी समय में ऐसा होता तो विपक्षी ऐ मामला खंगालकर उठाते और चुनाव हरा देते। ऐसी किसी भी महिला से हमारी मुलाक़ात ग्लोरी होटल में नहीं हुई और ना किसी किसी को ठहराया गया था।

सरकारी टेंडर है, सीसीटीवी की निगरानी में ज्ञानपुर विधायक मिश्रा से विभिन्न आरोपों के संदर्भ ‘सशक्त समाज’ न्यूज नेटवर्क द्वारा संपर्क किये जाने पर उन्होंने अपनी ही लंबी पीड़ा सुना दी। यहां तक कहा कि झूठे आरोप लगानाा आसान होता है, जिसे लोकतांत्रिक व संविधानिक सिद्धांतों पर सिद्ध करना कठीन। अवैध खनन मामले पर उन्होंने कहा कि सरकारी टेंडर है और सीसीटीवी की निगरानी है और उच्च स्तरीय राजस्व जाता है, जिसकी भदोही विधायक ने शिकायत करके दर्जनों बार जांच भी करवाई गई है और फिर जब मन करें शासनिक जांच करवा लें क्योंकि भदोही जनपदवासी के साथ बतौर जनप्रतिनिधि स्वतंत्र हैं। दुष्कर्म के मामले को लेकर विधायक विजय मिश्रा कहते हैं कि ‘मैं खुद स्तब्ध हूँ और पीड़ित महिला को जानता तक नहीं। बतौर जनसेवक कहता हूं कि इस घटना की जितनी निंदा हो सके की जानी चाहिये और बाकी शासन-प्रशासन अपनी जांच करके जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा।’

प्रशासनिक एक्शन – दूसरी तरफ महिला व विधायक परिवार से जुड़ा मामला होने के कारण भदोही पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुये आरोप लगाने वाली पीड़िता को महिला थाना में बयान दर्ज करवाने हेतु पत्र भेज दिया है…

 

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