भदोही जनपद से ज्वालामुखी बन उठी ‘कुकर्म कथा’ आखिरकार प्रथम दृष्टया में सिद्ध हो गई। मुख्य आरोपी व सुत्रधार संदीप तिवारी को पुलिस ने सलाखों में पहुंचा दिया, जोकि भदोही विधायक रविन्द्र नाथ त्रिपाठी के लाडले भतिजे हैं।
गौरतलब है कि शनिवार को भदोही पुलिस एसपी द्वारा प्रेस कान्फ्रेंस करके देश-विदेश तक सुर्खियों बने मामले में सटीक जांच रिपोर्ट सुना दिया गया, जिसके बाद भले ही विधायक का भतिजा संदीप सलाखों में पहुंच गया लेकिन अन्य को क्लिन चिट मिलने से विधायक परिवार सहित समर्थकों में खुशी की लहर है। हांलाकि विधायक के ३ भतिजों मे से जहां १ मुख्य आरोपी बतौर सलाखों में पहुंचा, वहीं ३ मे से १ बेटा नितेश पर भी हल्की धाराओं अपराध के साक्ष्य मिले हैं।

पुलिस लाइन सभागार में प्रेस काफ्रेंस के दौरान भदोही एसपी रामबदन सिंह ने सर्वश्रेष्ठ सटीक खुलासा करते हुये मीडिया के समक्ष विभिन्न तथ्यों का विश्लेषण किया। ज्ञात हो कि विभिन्न जांच-पड़ताल के बाद पीड़ित महिला की तहरीर पर भदोही कोतवाली में जहां बुधवार को महिला के अडिग तेवर के बाद मुख्य आरोपी संदीप तिवारी पुत्र आदित्य नारायण तिवारी के साथ…भदोही विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य सचिन आदित्य नारायण तिवारी, चंद्रभूषण आदित्य नारायण तिवारी, दीपक रविन्द्र नाथ तिवारी, प्रकाश रविन्द्र नाथ त्रिपाठी, नीतेश रविन्द्र नाथ त्रिपाठी पर भदोही कोतवाली में सामूहिक दुराचार और गर्भपात कराने के आरोप पर जघन्य धाराओं प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
भदोही एसपी राम बदन सिंह के मुताबिक मामले का खुलासा और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा के निरीक्षण में क्राइम ब्रांच की टीम भी की गठित गई थी। विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले की गहनता पूर्ण जांच के बाद मुख्य आरोपित संदीप पर लगे दुष्कर्म के आरोप में साक्ष्य मिले हैं और नीतेश तिवारी को भी दुष्कर्म नहीं बल्कि धमकी देने के अपराध में दोषी पाया गया। इस मामले में संदीप तिवारी को उनके प्रतिष्ठान से गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि गहन जांच के बाद विधायक रवींद्रनाथ तिवारी, सचिन तिवारी, चंद्रभूषण तिवारी, दीपक तिवारी और प्रकाश तिवारी की संलिप्तता न मिलने पर क्लीन चिट देकर विवेचना से हटा दिया गया है।
भदोही जनपद पुलिस के लिये सर्वश्रेष्ठ चैलेंजिग इस मामले से प्रार्थना पत्र, सुरक्षा, बयान, बयान-साक्ष्य में तलब, मुकदमा, विवेचना व पीड़िता का सफलता पूर्वक मजिस्ट्रेट समक्ष बयान दर्ज करवाने में जहां भदोही एसपी रामबदन सिंह का सर्वश्रेष्ठ अनुभवी व सक्रियता पूर्ण मार्गदर्शन रहा, वहीं अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा द्वारा पारखी जांच व निरीक्षण, भदोही कोतवाल श्रीकांत राय, क्राइम ब्रांच प्रभारी अजय सिंह, सचिन झां, सर्वेश राय व नरेंद्र सिंह आदि के साथ विभिन्न स्तर पर ३ दर्जन से ज्यादा पुलिस कर्मियों की मुख्य भूमिका रही, जोकि इस घटना क्रम की तेज जांच में उच्च अधिकारियों के साथ सक्रियता के साथ दिन-रात डियुटी निभाते रहे। (भदोही एसपी रामबदन सिंह का ‘प्वाइंट टू प्वाइंट’ सशब्द ‘विश्लेषण’ हेतु ‘सशक्त समाज’ विडियो ‘न्यूज पार्टनर’ का उपरी सतह पर उपलब्ध ‘विडियो न्यूज’ भी देखिये..)



