महाराष्ट्र में चुनाव की मुनादी हो चुकी है और सत्ता का शीर्ष नेतृत्व महाजनादेश यात्रा पूर्ण कर चुका है। संभवत: केंद्रीय चुनाव आयोग को यह यात्रा पूर्ण होने का ही इंतजार था। जाहिर है सरकार पिछले पांच साल में राज्य की प्रगति की रिपोर्ट के साथ मैदान में उतरेगी लेकिन जब सरकार की सेवा में लगी बस कर्ज न चुकाने के कारण ऋणदाता कंपनी द्वारा जब्त कर ली जाये तो क्या कहा जा सकता है। शुक्रवार की शाम पुणे से अमरावती जा रही “शिवशाही” की बस को बोरवाड़ी के पास मुंज में रोककर एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने जब्त कर लिया। महाराष्ट्र सरकार में शामिल शिवसेना के पास राज्य का परिवहन मंत्रालय है और 2014 में युति की सरकार बनने पर “शिवशाही” बसें शुरू की गई थीं। एमएच 19 बी 1019 नंबर की यह बस शुक्रवार की शाम सात बजे 22 यात्री लेकर अमरावती के लिए रवाना हुई थी। शनिवार की सुबह 7 बजे यह बस बोरवाड़ी मुंज पहुंची। जहां फाइनेंस कम्पनी के लोग पहले ही मौजूद थे। यह बस पांढरकवडा स्थित एक निजी बस ऑपरेटर की है जिसे ठेके पर लेकर राज्य परिवहन विभाग यात्रा सुविधा दे रहा है। पता चला है कि बस मालिक ने इस बस की किश्तें नहीं चुकाई थीं इसलिए फाइनेंस कम्पनी ने बस ही जब्त कर ली। हाँ इतना जरूर किया कि सभी यात्रियों के अमरावती पहुंचने की व्यवस्था एक दूसरे चौपहिया वाहन से कर दी।
चुनाव की मुनादी’, ‘शिवशाही’ जब्त.!


