प्रजातंत्र – जनता की सरकार, जनता द्वारा जनता के लिये..✍️

राजनीति के परिदृश्य में अहंकारी व भ्रष्टाचार शिरोमणि की कमी नहीं है, जिन्हें यह भी भान नहीं है कि जनतंत्र की विशेष महत्ता वर्तमान परिदृश्य में है। आधुनिक युग जनतंत्र व्यवस्था का युग है, जिसमें जनतांत्रिक शासन व्यवस्था को सर्वश्रेष्ठ महत्व दिया गया है। वर्तमान जनतंत्र साम्राज्यवादी प्रशासन के पश्चात् आया जबकि सम्पूर्ण विश्व औद्योगिक एवं भूमण्डलीकरण के प्रभाव में आया तो मनुष्य के अस्तित्व व अधिकारों में सर्वोच्चता आयी। विभिन्न देशों ने जनतंत्र शासन व्यवस्था को सहृदय होकर स्वीकारा। वैसे यह भी सत्य है कि जनतंत्र सिद्धान्तों की नींव पुरातन युग में भी प्रतीत होती है, परन्तु जनतंत्र की वर्तमान इमारत नवीन अवश्य है। जनतंत्र (डेमोक्रेसी) का साधारण अर्थ है जन+तंत्र या लोक+तंत्र जनता का शासन या शासन पर नियंत्रण, जनतंत्र एक प्रकार से सामाजिक संगठन है, और इसके अर्थ को भी विविध रूपो में लिया जाता है।                                                            राजनैतिक अर्थ में जनतंत्र – राजनैतिक दृष्टि से लोकतंत्र के अर्थ को स्पष्ट करते हुये ‘‘डायसी’’ ने लिखा है ‘‘लोकतंत्र संसार का वह रूप है, जिसमें प्रशासकीय वर्ग सम्पूर्ण राष्ट्र का बहुत बड़ा भाग होता है।’’

विधायक परिवार में ही करोड़ो का ठेका- यूपी के भदोही विधायक ने ठेकेदार भतिजे-बेटे के व्यापार की दुहाई देकर भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘धारदार निष्पक्ष कलमकारी’ करने वाले पर ही खुद दर्ज करवाया FIR, राज्य के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने भदोही-औराई में ‘त्वरित विकास योजना’ अंतर्गत जारी १० करोड़ की कार्ययोजना पर दिया जांच-पड़ताल का आदेश…

अब्राहम लिंकन-’’प्रजातंत्र वह सरकार है जो जनता की, जनता द्वारा तथा जनता के लिये है।’’

सामाजिक संगठन के अर्थ में – सामाजिक दृष्टिकोण से लोकतंत्र का अर्थ यांनि वह व्यवस्था जिसमें वर्गगत जातिगत एवं लैंगिक भेदभाव के बगैर व्यक्ति की उन्नति के समान अवसर मिले। डा0 वर्मा के अनुसार -’’जनतंत्र सामूहिक रूप से राजनैतिक तथा सामाजिक प्रगति की एक प्रक्रिया है।’’ भाटिया के शब्दो मेंं–  ‘‘सामाजिक लोकतंत्र -वर्ग जन्म या सम्पत्ति पर आधारित समस्त भेदों का अभाव है।’’ कैण्डल ने जनतंत्र की परिभाषा देते हुुये कहा – ‘‘एक आदर्श रूप में जनतंत्र जीवन की एक विधि है, जो व्यक्ति की स्वतंत्रता एवं उसके उत्तरादायित्व पर आधारित है।’

Leave a Reply

Discover more from सशक्त समाज न्यूज़

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading