पढ़िये..यहां डाक्टरों की सूझबूझ से, जिंदा हुआ दाहिना हाथ.!

68 वर्षीय राहिल सिंह की सामान्य ज़िंदगी में तब जोरदार झटका लगा, जब उन्हें अचानक दाहिने हाथ के कलाई के जोड़ों में दर्द होने लगा। इसी कारणवश कमज़ोरी, झनझनाहट और सुन्नता महसूस होने लगी। डॉपलर टेस्ट से ये खुलासा हो पाया कि दाहिने ऊपरी अंग के रक्त वाहिका में खून का थक्का मौजूद है और मरीज़ को एक्यूट थ्रोम्बोएम्बोलिज़म होने का निदान किया गया। मरीज़ पर राइट ब्रैकियल थ्रोम्बोएम्बेलेक्टोमी सर्जरी की गई और अब वो अपने दैनिक कार्य सहजता से कर सकते हैं।                                                                                        गौरतलब है कि 68 वर्षीय राहिल सिंह (परिवर्तित नाम) को दाहिने हाथ के कलाई के जोड़ों में अचानक दर्द का सामना करना पड़ा। झनझनाहट, कमज़ोरी के कारण उन्हें दाहिने हाथ को हिलाने में कठिनाई आ रही थी और इसके साथ रंग भी उड़ा हुआ था। इस समस्या से उनके जीवन में कई जटिलताएं खड़ी हो गई क्योंकि वो काम के लिए यात्रा भी नहीं कर पा रहे थे। हालांकि उन्हें एसआरवी ममता हॉस्पिटल में रेफर किया गया और वहां उन्हें मानिये की नई जिंदगी मिली कार्डिएक सर्जन डॉ. सागर केदारे ने उन्हें सामान्य और सक्रिय होने में मदद की।

क्या कहते हैं डा. सागर केदार…                                                एसआरवी ममता हॉस्पिटल के कार्डिएक सर्जन डॉ. सागर केदारे बताते हैं कि “मई के महिने में मरीज़ को दाहिने हाथ के कलाई के जोड़ों में अचानक दर्द का सामना करना पड़ा। इसके कारण उन्हें हाथ हिलाना भी असंभव हो गया था और वो दैनिक कार्य भी नहीं कर पा रहे थे। मरीज़ को अस्पताल में दाखिल किए जाने के बाद उनके दाहिने हाथ की जांच करने के लिए डॉपलर टेस्ट की गई, ये निष्कर्ष निकाला गया की दाहिने रक्त वाहिका में खून का थक्का मौजूद है और मरीज़ को एक्यूट थ्रोम्बोएम्बोलिज़म की तकलीफ है। इसके बाद इस इलाज को पूर्ण करने में सफलता मिली।

✒️…न्यूज ब्यूरो – सुरेश चौहान

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