भ्रष्टाचारी हों या कलंकी, सम्मान से लीजै नाम…
दिल को खटके, जरा हटके… 💘💘💘💘💘 धंधेबाज नेताजी को अब, करिये ना यूं बदनाम भ्रष्टाचारी हों या कलंकी, सम्मान से लीजै नाम सम्मान से लीजै नाम, स्वार्थ का ठेला सजाइये दरबारी बनिये खुशमय, दलाली जमिके खाइये कहे ‘बहुरूपीय’ मौन, कुर्सी…


