धूम्रपान सामग्री पहुंचे, भले हो लाॅकडाउन…

दिल को खटके,                    जरा हटके…         💘💘💘💘💘 लॉकडाउन में दरवाजा, खिड़की भी है बंद समाजसेवी बने व्यापारी, धंधा खातिर चंद धंधा खातिर चंद, बिन ‘पास’ वाहन दौड़ाते मंडी से ‘अन्नदान’ बटोर, रिश्तेदारी पहुंचाते हे ‘बहुरुपीय’ करें, सेवा ‘दूर-दराज’ जाऊन धूम्रपान सामग्री पहुंचे, भले हो लाॅकडाउन एस. टी. ‘बहुरूपीय’…

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महल में बैठे नेताजी, कोरोना का बढ़ा रसूख..

दिल को खटके,                    जरा हटके…         💘💘💘💘💘 शासन लीन’ योजना में, पुलिस करती अमल दिहाड़ियों की पीड़ा’, खाकी हरती आजकल खाकी हरती’ आजकल, लाॅकडाऊन में भूख महल में बैठे नेताजी, कोरोना’ का बढ़ा रसूख हें ‘बहुरूपीय’ मौन, कब कोटा पे पहुंचे राशन क्षेत्रवासी हैं देख रहें, आपदा में…

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लाखों के मंच दहाड़े, कंगालीमय अब अवस्था.?

दिल को खटके,                    जरा हटके…         💘💘💘💘💘 करोड़पति जनप्रतिनीधि, आखिर क्यों लाचार ‘कोरोना’ से ‘जंगवाद’ में, स्पष्टवादी करें विचार ‘स्पष्टवादी’ करें ‘विचार’, सेवाभावी हो व्यवस्था लाखों के मंच दहाड़े, कंगालीमय अब अवस्था कहे ‘बहुरूपीय’ मौन, नीधि ‘अवमुक्त’ पत्र पति नीजी तिजोरी खोलिये, राजनीति से…

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‘ग्रामवासियों’ का ‘दर्द’, ‘बहरानाथ’ अब तो ‘सुनिये’..

दिल को खटके,                    जरा हटके…😜         💘💘💘💘💘 सुनिये गांव के परधान, करिये थोड़ा एहसानजी लाखों लूट-खाके मौन, धरिये ‘कोरोना’ ध्यानजी धरिये ‘कोरोना’ ध्यानजी, पुण्यार्थ कदम बढ़ाइये सेनेटाईजर छिड़काव’ से, संक्रमण ब्रेक लगाइये कहे ‘बहुरूपीय’ मौन, खीसनिपोर ज्ञान न धुनिये ‘ग्रामवासियों’ का ‘दर्द’, बहरानाथ अब…

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घर-परिवार में बैठ, पहले खदेड़ो ऐ कोरोना…

दिल को खटके,                    जरा हटके…😜         💘💘💘💘💘 कोरोना’ देखो ट्रेन-बस, तलाश रहा शिकार जनता के द्वारा करफू, भारतवासी हैं तैयार भारतवासी हैं तैयार, घर से हम न निकलेगें महामारी एकजुट लड़िये, हम नहिं बिखरेगें कहे ‘बहुरूपीय’ मौन, ना चाटो झूंड में दोना घर-परिवार में…

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