सप्तम भाव में बैठे सूर्य, जानिये महाराष्ट्र सरकार पर पड़ेगा ऐ असर…

महाराष्ट्र की वर्तमान सरकार के नव वर्ष का भविष्य कर देखा जाए तो यह सरकार 28 नवंबर 2019 सायंकाल 6:44 पर शपथ ग्रहण किया गया बृष लग्न में शपथग्रहण संपादित हुआ उस समय सभी ग्रह छठे ,सातवें ,आठवें स्थान पर बैठे हैं, छठा घर राजनीतिक प्रतिशोध एवं सप्तम ग्रह प्रबल विपक्ष और आठवां भाग राजनीतिक…

Read More

३१०० माताओं-बहनों की ‘कलश यात्रा’ सहभागिता से, यहां शुभारंभित दिव्य ‘अमृतरस’ श्रीराम कथा…

धार्मिक नगरी सूरत में श्रीराम कथा का विशेष महत्व है क्योंकि यहां आयोजकों से ज्यादा क्षेत्रिय माताओं-बहनों में हर्षोल्लास रहता है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण इस वर्ष भी देखने को मिला, जब श्रीराम कथा शुभारंभ पूर्व दिव्य कलश यात्रा में लगभग 3100 माताएं-बहनें शामिल हुई। यह कलश यात्रा कथा स्थल श्रीराम जानकी मंदिर गोड़ादरा से प्रारंभ…

Read More

लंका दहन का था ऐ आश्चर्यजनक कारण, आप भी नहीं जानते होगें…

पुराणों में लंकादहन के पीछे भी एक ओर रोचक बात जुड़ी है। दरअसल, हनुमानजी शिव अवतार हैं। शिव से ही जुड़ा है यह रोचक प्रसंग। एक बार माता पार्वती की इच्छा पर शिव ने कुबेर से सोने का सुंदर महल का निर्माण करवाया किंतु रावण इस महल की सुंदरता पर मोहित हो गया और वह…

Read More

हनुमानजी रक्षक हमारे तो, बाबा-देवता, साधु-ज्योतिष बाय-बाय…

हनुमानजी महराज को इस कलयुग का प्रबल देवता माना जाता है, जोकि सबसे ज्यादा जाग्रत और साक्षात हैं। कलियुग में हनुमानजी की भक्ति ही लोगों को दुख और संकट से बचाने में सक्षम है। बहुत से लोग किसी बाबा, देवी-देवता, ज्योतिष और तांत्रिकों के चक्कर में भटकते रहते हैं और अंतत: वे अपना जीवन नष्ट…

Read More

ब्राह्मण विद्वजनों की यहां सजी खुशमय गोष्ठी, प्रबंधक बोले धन्य हुई ‘सुदामा’ की ‘कुटिया’…

संस्कार-संस्कृति व शिष्टाचार के खुशमय प्रवाह की जिम्मेदारी भी ब्राह्मण समाज पर ही रही है, जिसके लिये सदियों से विभिन्न गोष्ठी चर्चा आयोजन की संस्कृति (प्रथा) रही है। ऐसी ही एक गोष्ठी ‘काशी-प्रयाग मध्य’ के ब्रिटिशकालिन संस्कृत विद्यालय के प्रबंधक के यहां भी संपन्न हुई, जहां खुशमय माहौल में श्रीकृष्ण-सुदामा सहित कई देवी-देवताओं के वंशज…

Read More