झारखण्ड विधान सभा के परिणाम ने एक बार फ़िर से भारतीय राजनिती को चर्चा के मुख्य केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है। 2017 में उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के बाद से जिस प्रकार चहूओर केवल भाजपा का कमल सभी ओर दिख रहा था, उसी प्रकार 2018 और 2019 के विधान सभा चुनाव में एक-एक करके सभी बड़े राज्यों पर कांग्रेस ने अपने भारी भरकम पंजे से कमल की पंखुड़ियों को मसलकर रख दिया है। झारखंड की हार से सभी विपक्षी पार्टियों को “मोदी सरकार 2.0” पर हमला करने का मौका मिल गया है।

कांग्रेस सुरत जिलाध्यक्ष (अन्य भाषा भाषी सेल) शशि दुबे पत्रकारों से वार्ता के दौरान मोदी सरकार और योगी सरकार पर जम कर बरसे। शशि दुबे ने जातिवाद और अपराध पर कड़े शब्दों में घेरा। उन्होंने कहा कि “सरकार विकास और बेरोजगारी निर्मुलन से कोसो दूर है, जिससे ‘कमल’ की ‘पंखुड़ियां’ मसलन नहीं झेल पा रही हैं। प्रत्यक्ष प्रमाण है कि गत दो वर्षों के विधान सभा चुनाव में भाजपा पुरी तरह साफ हो गयी। जनता एक बार फ़िर से अपनी पुरानी पार्टी के साथ जुड़ कर सोनिया गाँधी और राहल गाँधी के हाथों को मजबूत कर रही है।” शशि दुबे ने आगे बताया कि “निकट भविष्य में ऐसे परिणाम अब आते रहेंगे और केंद्र में एक बार फ़िर से यूपीए की सरकार बनेगी।”


