उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद में आखिरकार जहां भ्रष्टाचार के पाप का घड़ा भरता नजर आ रहा है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के ध्वजवाहकों पर बेबुनियाद आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करवाने का बीड़ा भदोही विधायक रविन्द्र नाथ त्रिपाठी ने खुलेआम उठाया है। खैर..भ्रष्टाचार के मामले पर जनतंत्र की आवाज दबाने में कुछ स्थानीय स्वार्थी भाजपाई पदाधिकारी भी जुटे हैं, वहीं बसपा से आये भदोही विधायक के चंद समर्थकों का भी निरंतर जुटे रहना लाजमी ही है। फिलहाल भाजपा समर्थक ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्रा के पत्र ने भ्रष्टाचारियों में हड़कंप मचा दिया है। ऐसे में अब उन्हें भी तथाकथित भ्रष्टाचारियों की गैंग ने निशाने पर लेने की योजना तैयार दी है। बताया जा रहा है कि इस योजना में भाजपा के ही कुछ स्थानीय नेताओं के साथ भ्रष्टाचार की धनराशि से दक्षिणा प्राप्त कुछ पत्रकारों को भी गुमराह करके शामिल किया गया है, जबकि भदोही विधायक परिवार ने करोड़ो के विकास कार्य ठेका खुद लिया।
गौरतलब है कि त्वरित आर्थिक विकास योजना अंतर्गत भदोही जनपद में १० करोड़ से जारी कार्यो की जांच होगी। ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र के शिकायती पत्र को मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। विशेष कार्याधिकारी आरएन सिंह ने भदोही डीएम को गत् दिनों पत्र लिखकर कार्य, खर्च व धनराशि की जांच कराने का निर्देश दिया। जांच रिपोर्ट भी समय से भेजने के लिए कहा है। सूबे के विधायकों की मांग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में विकास के लिए विधायक निधि के अलावा ‘त्वरित आर्थिक विकास योजना’ से पांच-पांच करोड़ स्वीकृत किया। उसी के तहत जिले के भदोही और औराई विधानसभा में पांच-पांच करोड़ मिले। जिससे सड़क समेत अन्य विकास कार्य कराया जाना है। दोनों विधानसभाओं में तमाम कार्य भी हुए लेकिन भदोही विधायक रविन्द्र नाथ त्रिपाठी अपने परिवार को ही ठेका देकर उक्त धनराशि का अधिकांश हिस्सा डकारने हेतु प्रयासरत थे।



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