उल्हासनगर के एक वकील को पुलिस अधिकारी द्वारा पिटे जाने के आरोप में शुक्रवार से उल्हासनगर न्यायालय का कामकाज अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया। गौरतलब है कि उल्हासनगर में रहकर वकालत करने वाले वकील सागर वासवानी के पारिवारिक विवाद को लेकर उल्हासनगर मध्यवर्ती पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करायी गयी थी, जिसके बाद पूछताछ के लिए उन्हें पुलिस स्टेशन बुलाया गया था. इस दौरान वरीष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधाकर सुरडकर पर सागर ने साथ मारपीट करते हुए उन पर झूठा केस दर्ज किये जाने का आरोप लगाया है। इस मामले में उल्हासनगर तहसील के वकील संगठन के अध्यक्ष ऍड छोटू पंथालिया, ऍड कल्पेश माने, ऍड सचिन खंडागळे के नेतृत्व में दिनांक 12 सप्टेंबर और 13 सप्टेंबर को काम बंद आंदोलन किया गया. जिसे सभी वकील संगठनों ने समर्थन करते हुए मांग की है कि जब तक वरिष्ठ पोलीस सुरडकर के खिलाफ कार्यवाही नही होती तब तक काम बंद आंदोलन सुरू रहेगा.
क्या कहते हैं वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक… इस मामले में वरिष्ठ निरीक्षक सुधाकर सुरडकर से जानकारी ली गयी तो उनका कहना है कि सागर पर एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. उस विषय को लेकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था उनके साथ किसी भी प्रकार का मारपीट नही की गयी. खैर..इस मामले में न्यायालय का कामकाज दो दिनों से बंद होने से आम जनमानस को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिनके किसी अर्जेंट मामले की सुनवाई होनी थी।
न्यूज ब्यूरो – सुरेश चौहान


