उत्तर प्रदेश में केवल रामराज्य गुणगान के सहारे कदम बढ़ाती सत्तारूढ़ भाजपा सरकार का जनाधार खिसकने लगा है, फिर भी सत्तादंभ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिगुल बजाए बढ़ते जा रहे हैं. इसी का फायदा उठाकर विपक्षी दल सीधे जनता की नब्ज पकड़ रहे हैं. ऐसे में बसपा सुप्रीमों मायावती ने भी रामराज्य का पाठ पढ़ा दिया कि ‘केवल रामराज्य की बात करने से यूपी की गरीब जनता का विकास व उत्थान आदि होने वाला नहीं है. अब उनकी कई बातें गरीबों को भा रही है।
गौरतलब है कि दलितवादी वोट बैंक में गहरी पैठ रखने वाली बसपा धीरे-धीरे वोट बैंक की इंजीनियरिंग में महारत हांसिल कर चुकी है. मुस्लिम व ब्राम्हणों को भी सियासत में साधकर सत्ता तक पहुंचने का तजुर्बा बसपा सुप्रीमों मायावती रखती हैं। फिलहाल कोरोना संकट में बिलखते यूपी के गरीबों का दर्द बयां करके उन्होंने अपनी पार्टी को एक पायदान और ऊपर लाकर खड़ा कर दिया है। ट्वीटर पर मायावती ने सत्तारूढ़ पार्टी के दंभ को आईना दिखाते हुए अलग-अलग ट्वीट में कहा कि ‘यूपी के सीतापुर में नाबालिग दलित के साथ गैंगरेप, चित्रकूट में बंधुआ मजदूरी न करने पर युवक की हत्या व उसके बेटे का हाथ तोड़ना व गोरखपुर में डबल मर्डर आदि जघन्य घटनाओं की बाढ़ आई हुई है। क्या यही है सरकार का रामराज्य? दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, बीएसपी की यह माँग है।
बीजेपी द्वारा केवल रामराज्य की बात करने से यूपी की गरीब जनता का विकास व उत्थान आदि होने वाला नहीं है और न ही उन्हें जुल्म-ज्यादती से निजात ही मिलने वाला है बल्कि श्रीराम के उच्च आदर्शों पर चलकर सरकार चलाने से ही यह सब सम्भव हो सकता है, जिस पर यह सरकार चलती हुई नजर नहीं आ रही है।
यूपी में लाखों किसान परिवार प्रदेश में यूरिया खाद की किल्लत से बहुत परेशान हैं। सरकार यूरिया की कमी को तुरन्त दूर करे व इसकी कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे ताकि दोहरी मार झेल रहे किसानों को इस वर्ष फिर बर्बाद होने से बचाया जा सके। बीएसपी की यह माँग है।




