महाराष्ट्र सरकार ने ३१ जुलाई तक लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय लिया है। समूचे महाराष्ट्र, खासकर मुंबई और पुणे में कोरोना वायरस के संक्रमण में तेजी देखी जा रही है। संक्रमण पर रोक लगाई जा सके, इसके लिए सरकार ने प्रदेश में लॉकडाउन की मियाद बढ़ाने का फैसला लिया है। इस संबंध में सरकार ने कल जी आर जारी किया है।
ये हैं लॉकडाउन की शर्तें
– मास्क पहनना अनिवार्य।
– दो गज की दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) बनाए रखना जरूरी।
– बड़ी भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध, ५० मेहमानों के साथ शादी का कार्यक्रम, अंतिम संस्कार में ५० से ज्यादा लोग नहीं जुटेंगे।
– सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर लगेगा जुर्माना।
कार्यस्थल के लिए निर्देश
– जितना संभव हो सके उतना घर से काम (वर्क प्रâॉम होम), दफ्तर में अलग-अलग शिफ्ट में काम।
-कर्मचारियों की स्क्रीनिंग और साफ-सफाई का पूरा ख्याल।
-दफ्तर का बार-बार सैनिटाइजेशन।
मुंबई, पुणे, सोलापुर, संभाजीनगर, मालेगांव, नासिक, धुले, जलगांव, अकोला, अमरावती, नागपुर जैसे शहरों में कुछ प्रतिबंधों के साथ इन गतिविधियों को छूट।
– जरूरी सामान की दुकानें पूर्व के आदेश के मुताबिक चलेंगी।
– गैर जरूरी दुकानें जैसे कि मार्केट प्लेस और मॉल्स ९-५ तक खुलेंगे।
– ई-कॉमर्स, खाने की होम डिलिवरी, निर्माण स्थल (सरकारी और निजी) को छूट।
– १० फीसदी या १० कर्मचारियों के साथ दफ्तर खुलेंगे।
– टैक्सी, कैब ड्राइवर के अलावा २ सवारी के नियम से साथ चलेंगी।
– टू-व्हीलर पर सिर्फ एक राइडर।
– प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मोटर गैरेज। (पहले से अपॉइंटमेंट जरूरी) को अनुमति।
– गैर-जरूरी कार्यों के लिए लंबी दूरी की यात्रा पर प्रतिबंध।
– एमएमआर इलाके में जरूरी और दफ्तर के कार्यों के लिए आवाजाही की इजाजत।
– सीमित लोगों के साथ शादी और अंत्येष्टि की इजाजत, केवल नॉन-एसी हॉल में शादी।
– घर से बाहर जाने की इजाजत।
– अखबार की प्रिंटिंग और घर-घर डिलिवरी की छूट।
– नाई की दुकान, सैलून, ब्यूटी पार्लर को इजाजत।
प्रदेश के बाकी हिस्सों में जिन गतिविधियों पर रोक है, वहां कुछ पाबंदियों के साथ अब इसे जारी रखा जा सकेगा।
– सभी सार्वजनिक और निजी ट्रांसपोर्ट पैसेंजर मैनेजमेंट का ध्यान रखेंगे।
– टूू व्हीलर पर सिर्फ एक राइडर।
– थ्री व्हीलर पर ड्राइवर के अलावा २ सवारी।
– फोर व्हीलर में भी ड्राइवर के अलावा २ सवारी।
– जिलों के अंदर ५० फीसदी सवारी के साथ बसों का संचालन। सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन पर पूरा जोर।
– जिला पार नियमों के तहत बसों का संचालन।



