खून’ से लथपथ ‘क्षत्रिय परिवार’, गिन रहा ‘जिंदगी-मौत की ‘सांसे’, पुलिस ने थोपा ‘एससीएसटी’ न्याय.!

उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद में इन दिनों ऊंज थाना सुर्खियों में है. पशु तस्करी के इस गढ़ में कानूनी डंडे का भय अब नहीं रहा. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि लहूलुहान क्षत्रिय परिवार की चीख गूंज रही है। खून से लथपथ एक क्षत्रिय परिवार जहां अस्पताल में जिंदगी-मौत की सांसे गिन रहा, वहीं पुलिस द्वारा हमलावरों पर मामूली धारा लगाया गया लेकिन पीड़ितों पर ‘एससीएसटी’ के तहत मुकदमा थोपने की खबर है।

गौरतलब है कि भदोही जनपद व प्रयागराज बार्डर पर बसे ऊंज थाना क्षेत्र के अधिकांश गांव काफी शांतिप्रिय हैं लेकिन हाइवे पर बसे इस पुलिस थाना के समीप गांवों में ही कानूनी भय मरणासन्न की स्थिति में है। ऊंज थाना के समीप गांवों से पशु तस्करी का कारोबार सदैव सुर्खियों में रहा है। फिलहाल एक बार फिर पशु तस्करी को लेकर बवाल तो चल रहा है लेकिन इस बवंडर को सशक्त कार्रवाई से वर्तमान थाना प्रभारी भेंद नहीं पा रहे हैं। इसी बीच यहां के रमईपुर (बनकट खास) गांव में मोबाइल चोरी की घटना को लेकर राजबली चमार परिवार सहित दर्जनों लोगों ने क्षत्रिय परिवार के सौरव, गौरव, पप्पू, गुड्डू, रिंकू, शैलेन्द्र और योगेंद्र बहादुर की लाठी-डंडे से पिटाई कर दी। इस मामले में सौरव, गौरव, गुड्डू और योगेंद्र बहादुर जीवन-मौत से जूझ रहे हैं, वहीं ऊंज थाना पुलिस ने घायलों के खिलाफ ही दलित उत्पीड़न (एससीएसटी) का मामला दर्जकर करके न्याय देने लगी, जबकि लहूलुहान जिंदगी-मौत से जूझ रहे क्षत्रिय परिवार के बहे खून की चीख खाकी वर्दी के कर्मठों को मानवता पथ पर झकझोर नहीं पाई। विपक्षी में सिर्फ राजबली चमार व 6 अन्य को क्रमशः भादवि 147, 323, 504, 506 जैसी हलकी धाराओं में सिर्फ नामजद किया गया है। उपरोक्त आरोप के साथ पीड़ित पक्ष के लोगों कहना है कि पूरी रिपोर्ट के बाद भी ऊंज थाना प्रभारी ने हल्की धारा में मामला दर्जकर कानून से भयहीन किस्म के लोगों को संरक्षण दिया है।

क्या कहती है पुलिस – ऊंज थाना प्रभारी रामदरश ने इस मामले में पूछे जाने पर ‘सशक्त समाज न्यूज’ को सिर्फ इतना ही बताया कि फिलहाल मामले की विवेचना ‘सीओ साहब’ कर रहे हैं। इसी तरह इस मामले को लेकर सीओ कालू सिंह से ‘सशक्त समाज न्यूज’ ने संपर्क किया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून हाथ में लेने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी। फिलहाल पीड़ित परिवार की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच-विवेचना के दौरान सशक्त धाराओं को सम्मिलित करके कठोर कार्रवाई की तैयारी है।

अधिकारी व जनप्रतिनिधियों के द्वार – जिंदगी-मौत से जूझ रहे क्षत्रिय परिवार के सदस्यों को न्याय न मिलता देख, जहां क्षत्रिय महासंघ ने भदोही एसपी रामबदन सिंह को ज्ञापन देकर न्याय मांग की। वहीं पीड़ित परिवार की तरफ से कुुछ क्षेत्रवासी जनप्रतिनिधियों से भी स्थानीय पुलिस की संदििग्ध भूमिका पर शिकंजा कसवाकर पीड़ि़ितों कोो न्याय दिलवाने की मांग लेकर पहुंच रहे हैं। इसी बीच आसपास के गांवों ही नहीं बल्कि भदोही जनपद में सवर्ण समाज में एससीएसटी तो क्षत्रियों में पुलिस की ऊंज थाना की लचर व्यवस्था देखकर आक्रोश नजर आ रहा है।

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2 thoughts on “खून’ से लथपथ ‘क्षत्रिय परिवार’, गिन रहा ‘जिंदगी-मौत की ‘सांसे’, पुलिस ने थोपा ‘एससीएसटी’ न्याय.!

  1. “अंधेर नगरी चौपट राजा ” पुलिस और साड़ वर्तमान सरकार में बेलगाम हो चुके हैं. साड़ जब चाहे किसी को भी सींग से ठोक दे उसी तरह पुलिस भी जब चाहे किसी को भी मुकदमा या डंडा से ठोक दे.
    बाबा की महिमा बाबा ही जाने. 🙏

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